आरोग्य मेला: डॉक्टर अनुपस्थित, पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा था इलाज
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री के अति महत्वाकांक्षी योजना आरोग्य मेले कोे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लगातार निरीक्षण और निर्देश के बावजूद कहीं डॉक्टर नहीं मिलते तो कहीं पैरामेडिकल स्टाफ। रविवार को जांच अधिकारी के निरीक्षण में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र शास्त्रीनगर और लोनी के जवाहर नगर पर कार्यरत डॉक्टर, भोजपुर, महाराजगंज, वसुंधरा, पसौंडा में पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित पाए गए। सभी से जांच अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा है। यह कोई पहली बार नहीं है, इसके पहले भी मेले में औचक निरीक्षण में 12 कर्मचारी और डॉक्टर अनुपस्थित मिले थे।
कागजों में आरोग्य स्वास्थ्य मेला पूरी तरह से सफल है, लेकिन हकीकत की पड़ताल में अधिकांश केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ उपस्थित नहीं रहता है। पिछले दो सप्ताह से सीएमओ और एसीएमओ स्तर के अधिकारी पूरे जिले में हेल्थ मेले के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह सात केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ अनुपस्थित मिला था। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि शहरी क्षेत्र के आठ स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया था। शास्त्री नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर केंद्र प्रभारी और कई अन्य स्टाफ गैर हाजिर था। सेवानगर, विजय नगर, औद्योगिक क्षेत्र स्थित केंद्र पर भी कई स्टाफ अनुपस्थित था। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जा रही है। गैर हाजिर रहने वालों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीएमओ ने मोदीनगर और मुरादनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया। उस क्षेत्र में भी तीन केंद्रों पर स्टाफ अनुपस्थित पाया गया।
2457 मरीज पहुंचे इलाज और टीकाकरण कराने
आरोग्य मेले के नोडल डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि 65 नगरीय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 2457 लोगों ने जांच कराईं। मेेले में इलाज कराने पहुंचे लोगों में 957 पुरुष, 1137 महिलाएं और 363 बच्चे थे। इसमें लिवर रोग से परेशान 53, हाइपरटेंशन के 106, खून की कमी के 31, मधुमेह रोगी 165, टीबी के 12 मरीज इलाज कराने पहुंचे। हेपेटाइटिस- बी व सी के 69 और 39 लोगों की जांच की गई, इसमें कोई पॉजिटिव नहीं मिला। मेले में मलेरिया से संबंधित 200 लोगों ने जांच कराई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव थी। इस दौरान 20 लोगों को गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।