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दो चौकियों के पास से भागे लुटेरे, फिर भी पकड़ न पाई पुलिस

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दो चौकियों के पास से भागे लुटेरे, फिर भी पकड़ न पाई पुलिस
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गाजियाबाद। पंजाब नेशनल बैंक में दिनदहाड़े लूट की वारदात के बाद बदमाश दो पुलिस चौकियों के पास से निकलते हुए भाग गए, लेकिन पुलिस पकड़ न पाई। पुलिस अधिकारी लूट के बाद घटनास्थल पर पूछताछ करते रहे लेकिन वायरलेस पर सूचना फ्लैश होने के बावजूद नाकेबंदी भी नहीं की गई। बाइक पर सवार बदमाश राजनगर एक्सटेंशन की ओर भागते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। इससे साफ हो गया है कि कहीं कोई चेकिंग नहीं की गई।
नूरनगर सिहानी में घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर थाना है, एक किलोमीटर दूर मोरटा पुलिस चौकी और ढाई किलोमीटर की दूरी पर सिहानी चुंगी पुलिस चौकी है। मेरठ रोड स्थित राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से लेकर केडीपी चौक तक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद कहीं भी नाकाबंदी नहीं की गई। घटनास्थल के आसपास के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पुलिस गश्त नहीं करती। बैंक ड्यूटी आने वाले पुलिसकर्मी भी रजिस्टर में एंट्री करके लौट जाते हैं। माना जा रहा है कि रेकी के दौरान बदमाशों ने सुरक्षा की इन खामियों का भी पता लगा लिया था।
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इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस सक्रिय होती तो वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों को रोका जा सकता था। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई। क्षेत्र की पुलिस चौकी को अलर्ट होने के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
आईजी ने सुरक्षा अलार्म बजाकर देखा
आईजी प्रवीण कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर बैंककर्मियों से पूछताछ की। साथ ही बैंक के सभी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसी दौरान सेफ्टी बजर भी बजाकर देखा। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि बैंक में सुरक्षा के मद्देनजर कई इंतजाम नहीं मिले हैं। इस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिंगर प्रिंट और जूतों के निशान से तलाशे जाएंगे सुराग
पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से बदमाशों के फिंगर प्रिंट और जूतों के निशान लिए हैं। क्त्रसइम ब्रांच टीम व पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर कब्जे में ले ली। इनमें बदमाशों के सुराग तलाशे जाएंगे। बदमाशों के हुलिए के आधार पर भी पुलिस उनका सुराग लगाने की कोशिश कर रही है।
बैंक में 9 साल से नहीं हैं सुरक्षाकर्मी
गाजियाबाद। नूरनगर सिहानी स्थित पीएनबी की शाखा में 9 साल से सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है। पुलिस भी बैंक मैनेजर को लिखित व मौखिक रूप से बैंक की सुरक्षा के लिए कई बार सचेत कर चुकी है, लेकिन मैनेजर ने गंभीरता से नहीं लिया। वारदात के बाद पुलिस जांच कर रही है कि आरबीआई की गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं। वहीं, बैंक मैनेजर अवधेश कुमार ने सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने का नियम न होने की बात कही।
पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के जिला सचिव उत्कर्ष कुमार सिंह ने बताया कि जिले में पीएनबी की 61 शाखाएं हैं। इनमें से करीब 80 फीसदी शाखाओं में सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं हैं। इस संबंध में बैंक की ओर से कई बार अपने अधिकारियों को बैंक की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात कराने के लिए कहा जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बैंक में सुरक्षाकर्मी तैनात होता तो बदमाश इस वारदात में सफल नहीं हो पाते।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिकांश सरकारी बैंक में गार्ड नहीं होने पर बैंक प्रबंधन एटीएम पर तैनात गार्ड को ही बैंक की सुरक्षा की जिम्मेदारी दे देते हैं। एटीएम के गार्ड के पास हथियार नहीं होते हैं, ऐसे में वह बैंक की सुरक्षा नहीं कर सकते हैं। बैंक की सुरक्षा पर अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। संवाद
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जहां जरूरत वहां होते हैं गार्ड तैनात : मंडल प्रमुख
पीएनबी मंडल प्रमुख राजीव बंसल ने बताया कि सभी बैंकों में सुरक्षा की दृष्टि से सभी इंतजाम किए हुए हैं। जिन बैंकों में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत हैं वहां तैनाती की हुई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मी तैनात कराने की प्रक्त्रिस्या बैंक स्तर की है।
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