कोरोना काल में नई तकनीक को अपनाने के लिए स्कूलों ने लाखों निवेश किया है। वाईफार्म की एडवांस लाइन हो या फिर आधुनिक राउटर। कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड पर लिखने पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं में वास्तविक वीडियो, आवाज सुनाई दे रही है।
कोरोना महामारी के कारण अधिकांश स्कूलों ने खुद को तकनीकी स्तर पर आत्मनिर्भर बना लिया है। नवीन तकनीक विद्यालयों के साथ विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हो रही है। सभी बच्चों को वैक्सीन की डोज लगने तक स्कूलों ने ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन (हाईब्रिड) क्लास के प्रयोग जारी रखने का निर्णय लिया है। ऐसे में बीमार होने या फिर सर्दी जुकाम होने की दशा में विद्यार्थी घर से भी ऑनलाइन कक्षाएं ले पा रहे हैं। इससे क्लास में पिछड़ने का विद्यार्थियों और अभिभावकों का तनाव दूर हो गया है।
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कोरोना काल में नई तकनीक को अपनाने के लिए स्कूलों ने लाखों निवेश किया है। वाईफार्म की एडवांस लाइन हो या फिर आधुनिक राउटर। कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड पर लिखने पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं में वास्तविक वीडियो, आवाज सुनाई दे रही है। स्कूलों में शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली से पूरी तरह से रूबरू हो चुकेहैं। ऑनलाइन क्लास से पहले सभी स्कूलों में शिक्षकों ने प्रशिक्षण की लंबी प्रक्रिया पूरी की है। ऐसे में स्कूल के समय के साथ उसके बाद भी शिक्षक विद्यार्थियों की शंकाओं और सुविधाओं का समाधान कर रहे हैं।
पुस्तकालय भी ऑनलाइन, देख कर लें रहे पुस्तकें
स्कूलों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों की सहूलियत के लिए तकनीक का हर स्तर पर इस्तेमाल किया है। कई स्कूलों ने अपने पुस्तकालय की सभी पुस्तकों का डाटा बैंक तैयार कर उसका ब्योरा अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है। ऐसे में छात्रों के साथ शिक्षक पहले ऑनलाइन पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित कर, और फिर जाकर पुस्तक को ले सकते हैं। यह सुविधा बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है। पुस्तक को जारी करवाने के लिए लाइन और खोजने की मुहिम खत्म हो गई है।
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गतिविधियों में तकनीक की ले रहे मदद
स्कूलों की ओर से पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए छोटी कक्षाओं में तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। पढ़ाई से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने में स्मार्ट बोर्ड की मदद ली जा रही है। ऑफलाइन कक्षाओं में तकनीक के साथ किए जा रहे प्रयोग विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर हाईब्रिड क्लास रहेंगी जारी
ऑनलाइन क्लास के लिए तंत्र विकसित करने केलिए लाखों निवेश किया है। अभी सभी बच्चों को वैक्सीन की डोज नहीं लगी है। ऐसे में सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए हाईब्रिड कक्षाएं जारी रहेंगी। बीमारी की दशा में बच्चा घर से क्लास ले सकता है। - अरुणाभ सिंह, निदेशक, नेहरू वर्ल्ड स्कूल
लंबे समय तक प्रशिक्षण, शिक्षक हैं तैयार
ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान शिक्षकों को तकनीक रूप से तैयार करने केलिए प्रशिक्षण का लंबा दौर चला। आगे जरूरत पड़ने पर शिक्षकों को विभिन्न विकल्पों से ऑनलाइन क्लास संचालित करना बेहद आसान होगा। कई गतिविधियों में तकनीक की भी मदद ली जा रही है। - ऋचा लॉ, प्रिंसिपल, डीडीपीएस अशोकनगर