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15 अप्रैल के बाद दुकानों का किराया बढ़ाएगा निगम

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15 अप्रैल के बाद दुकानों का किराया बढ़ाएगा निगम
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गाजियाबाद। नगर निगम बोर्ड की ओर से सैद्धांतिक रूप से पास हो चुका दुकानों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव अब लागू करने की तैयारी है। 15 अप्रैल के बाद नगर निगम की 1702 दुकानों का न सिर्फ किराया बढ़ जाएगा, बल्कि सिकमी किराएदारों (मूल आवंटी से अलग कब्जेदार) से डीएम सर्किल रेट के आधार पर प्रीमियम भी वसूला जाएगा। आदर्श चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद नगर निगम अधिकारी इस प्रस्ताव को फिर से निगम बोर्ड में पेश कर लागू कराने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों ने अपनी दुकानों का किराया डीएम सर्किल रेट के आधार पर निर्धारण करने का निर्णय लिया था। इस आधार पर सरकारी दुकानों के किराए में 4 से 11 गुना तक बढ़ोतरी हो जाएगी। अधिकांश दुकानों पर अब सिकमी किराएदार काबिज हैं। ऐसे किराएदारों से प्रीमियम भी जमा कराया जाएगा। इस नए आदेश से दुकानदारों पर बढ़े किराए और प्रीमियम का बोझ बढ़ेगा, वहीं नगर निगम की सालाना आमदनी करीब 9 करोड़ रुपये बढ़ जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले नगर निगम अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में पेश किया था, लेकिन चुनाव नजदीक देख भाजपा पार्षदों ने इसे टाल दिया था। निगम अधिकारियों ने अब दुकानदारों को बढ़े किराए का नोटिस देकर उनसे मूल आवंटी होने के दस्तावेज मांगे हैं। अधिकांश दुकानदारों ने निगम के इस नोटिस का जवाब दे दिया है। ऐसे में अब इस प्रस्ताव को अंतिम रूप में फिर से बोर्ड बैठक में पेश करने की तैयारी की जा रही है। यह बोर्ड बैठक 15 अप्रैल को चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद होगी।
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बयान
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि लंबे समय से निगम की दुकानों का किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि मूल आवंटियों ने अधिकांश दुकानों को अन्य लोगों को कई गुना ज्यादा किराए पर दे रखा है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जो भी निर्णय होगा, उसके अनुसार लागू किया जाएगा।
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पार्षद बोले
चौपला बाजार क्षेत्र से भाजपा पार्षद राजीव शर्मा का कहना है कि दुकानों का किराया 11 गुना तक बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। नगर निगम ने अगर लंबे समय से किराया नहीं बढ़ाया है तो इसमें दुकानदारों का क्या दोष है। एक साथ 15-20 फीसदी से ज्यादा किराया बढ़ाया गया तो आंदोलन करेंगे। व्यापारियों के साथ मिलकर नगर निगम पर धरना देंगे।
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जोनवार दुकानों की संख्या
जोन दुकानों की संख्या
सिटी जोन ------- 1474
मोहननगर जोन ------- 95
कविनगर जोन ------- 105
विजयनगर जोन ------- 28
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कुल दुकानें 1702
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आंकड़ों में दुकानों का किराया
दुकान का मौजूदा न्यूनतम किराया ------- 150 रुपये प्रतिमाह
मौजूदा अधिकतम किराया ------- 3 हजार रुपये प्रतिमाह
प्रस्तावित न्यूनतम किराया ------- 1735 रुपये प्रतिमाह
प्रस्तावित अधिकतम किराया ------- 8303 रुपये प्रतिमाह
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सिकमी दुकानदारों से लिया जाने वाला प्रीमियम
प्रस्तावित न्यूनतम प्रीमियम ------- 60700 रुपये प्रति वर्गमीटर
अधिकतम प्रीमियम ------- 100723 रुपये प्रति वर्गमीटर
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निगम को किराए से सालाना आमदनी ------- 76 लाख रुपये प्रतिवर्ष
प्रस्तावित आमदनी ------- 9.80 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष
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