22 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर पहुंचे रोमानिया बार्डर
मसूरी। खारकीव यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया मसूरी का छात्र फैजान अभी रोमानिया में अन्य भारतीय छात्रों के साथ फंसा हुआ है। छात्र के पिता ताहिर अली ने बताया कि उनका बेटा खतरों से निकलकर अब सुरक्षित है, लेकिन जब तक बंकर में रह रहे थे।
फैजान खारकीव इंटरनेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने पिछले वर्ष नवंबर में गया था। अभी पांच महीने के अंदर वहां युद्ध की स्थिति बन गई। सभी बंकर में रह रहे थे। पिता ने बताया कि बेटे से रोजाना जानकारी मिलती रहती थी जिससे काफी दहशत थी। बेटे सहित कई छात्र बुधवार को बंकर से निकल कर लगभग सात सौ छात्रों का दल खारकीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। जहां उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। पहले तो भारतीय छात्रों को ट्रेन में बैठने से रोक दिया गया। फैजान ने अपने पिता को बताया कि वहां पहले यूक्रेन निवासियों को ट्रेन में ले जाया गया। वहां से छात्रों का जत्था पैदल ही निकल पड़ा था सभी ने लगभग 20-22 किलोमीटर का रास्त तय किया था। चलते-चलते वह एक गांव में पहुंच जहां के एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में सभी रुक गये। तीन दिन तक मुसीबतों को झेलकर अपनी जान बचाकर छह मार्च की सुबह रोमानिया बार्डर पर पहुंचे हैं। वहां भारतीय दूतावास व रोमानियां के नागरिकों ने सभी छात्रों को होटलों में ठहराया और नाश्ता खाना आदि कराया।