टीके की सुरक्षा थी साथ तो घर पर ही दी कोरोना को मात
गाजियाबाद। टीके का सुरक्षा चक्र जिनके साथ है, वह संक्रमित होने पर भी आसानी से ठीक हो जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 96 ऐसे लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं, जिनको दोनों डोज लग चुका है। इनमें 72 संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं आया। 24 मरीजों को सामान्य परेशानी हुई। सभी घर पर ठीक हो गए। पहला डोज लेने वाले संक्रमित हुए 250 लोगों में से 50 को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि कोविड टीकाकरण के बाद संक्रमित होने की 90 प्रतिशत संभावना कम हो जाती है। यदि संक्रमण होता भी है तो मरीज की स्थिति गंभीर नहीं होती है। कोविड वैक्सीनेशन रूर करवाएं। जिन लोगों को पहली डोज लग चुकी है वे समय से दूसरी डोज लगवा लें। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि टीका का प्रभाव ओमिक्रॉन पर भी इसी तरह से होने की उम्मीद है। इसलिए लोगों को टीका लगवाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
अब तक हुआ टीकाकरण
कुल डोज - 4047441
पहला डोज - 2502356
दूसरा डोज - 1545085
कोविशील्ड - 3583305
कोवाक्सीन - 448174
स्पूतनिक - 15962
18 से 44 - 2789122
45 से 60 - 871211
60 वर्ष से अधिक - 387108
पुरुष - 2241312
महिला - 1804305
छात्रा के मां-बाप व बहन भी संक्रमित
क्रॉसिंग रिपब्लिक में शुक्रवार को कोरोना संक्रमित हुई छात्रा की मां, पिता और बहन की रिपोर्ट भी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। छात्रा के पिता हाल ही में गुजरात से वापस लौटे थे। सभी के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। इसके साथ ही सोसायटी में कोरोना जांच शिविर लगाकर आसपास रहने वालों के भी सैंपल लिए गए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि छात्रा के परिवार में किसी को भी कोई लक्षण नहीं है। माता-पिता दोनों को टीका का दोनों डोज लग चुका है। चारों घर में आइसोलेट हैं। घर से निकलने पर पाबंदी लगाई गई है। विभाग की ओर से उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई है। जरूरत के सामान के लिए सोसायटी और पास के दुकानदारों के नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।
एक महीना लगेगा जीनोम सीक्वेंसिंग में
जीनोम टेस्टिंग में लगभग एक महीने का समय लग जाता है। दिल्ली की लैब की ओर से यह बताया गया है एक महीने बाद ही मरीज में कोरोना के नए स्वरूप के बारे में जानकारी हो सकेगी।