युवती का कहना है आरोपियों ने उसे स्कॉर्पियो कार में बैठाया और मेरठ से निकलते ही उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी उसे मेरठ में घुमाते रहे और बारी-बारी से दुष्कर्म करते रहे। रात करीब 11 बजे आरोपी उसे मसूरी गंगनहर के पास कार से फेंककर फरार हो गए। पीड़िता का कहना है कि उसका मोबाइल भी आरोपियों की कार में छूट गया। वह रोते-बिलखते हुए वहां से चली तो एक महिला से मोबाइल लेकर पुलिस को सूचना दी। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक युवती ने बताया था कि आरोपियों से उसकी मुलाकात 15 दिन पहले सहेली की शादी में हुई थी, लेकिन जांच में पता चला कि सहेली की शादी दो साल पहले हुई थी। इसके अलावा पुलिस मेरठ पहुंची तो पीड़िता उसे अपने घर नहीं ले गई। कई घंटे घुमाने के बाद वह उस घर में ले गई, जहां वह करीब 12 साल पहले रहती थी।
हाल ही में ड्यूटी से लौट रही युवती को लालकुआं से ऑटो में अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। घटना मसूरी व पिलखुवा की सीमा पर होने के कारण दोनों जिलों की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही थी। हालांकि, हापुड़ पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
मसूरी पुलिस पर पीड़िता को घंटों तक घुमाने का आरोप लगा था। इसके अलावा सनसनीखेज घटना की सूचना भी आला अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसी के चलते एसएसपी ने मसूरी के तत्कालीन एसएचओ राघवेंद्र सिंह को निलंबित किया था। उस घटना से सबक लेते हुए पुलिस ने इस मामले में कोई हीलाहवाली न करते हुए तुरंत केस दर्ज किया।
पीड़िता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण