फेक अकाउंट और ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़े
अभी तक साइबर जालसाजों ने झांसा देकर खाते से रकम उड़ाने का तरीका अपना रखा था, लेकिन अब साइबर जालसाजों ने फेक अकाउंट बनाकर पैसे मांगने और स्क्रीन रिकॉर्डर एप से ब्लैकमेलिंग का तरीका अपनाना शुरू कर दिया। ऐसे में इस तरह के मामले बढ़े हैं।
साइबर सेवा केंद्र खुलने के बाद फेक अकाउंट बनाकर पैसे मांगने के 70 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अश्लील वीडियो कॉलिंग के बाद ब्लेकमेलिंग के भी 6 मामले सामने आए हैं।
साइबर ठगी के मामले अपेक्षाकृत बढ़े हैं। साइबर सेवा केंद्र पर हर शिकायत दर्ज की जाएगी। इसके अलावा जिलेभर के थानों में आने वाले मामले भी यहीं आएंगे। हर शिकायत पर गंभीरता से काम किया जाएगा। पीड़ितों को इसका रिस्पांस भी दिखाई देगा।
- अभय कुमार मिश्र, सीओ प्रथम व साइबर सेल के नोडल अधिकारी
साइबर ठगी से बचने को पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
- एटीएम कार्ड और सोशल अकाउंट का पासवर्ड शेयर न करें, गार्ड रहित एटीएम बूथ का इस्तेमाल करने से बचें।
- केबिन में दूसरा व्यक्ति होने पर एटीएम का इस्तेमाल न करें और पैसे निकालने के बाद कैसिंल का बटन दबा दें।
- किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ब्लॉग्स, ट्विटर, चैट-रूम आदि पर पर्सनल जानकारी साझा न करें।
- अल्फा-न्यूमेरिक सिंबल और स्पेशल कैरेक्टर के साथ मजबूत पासवर्ड बनाएं।
- अनजान लिंक को क्लिक न करें।
- अनावश्यक एप डाउनलोड न करें।
- अनजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें।