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श्मशान घाट में भ्रष्टाचार का भराव, टेंडर से पहले हुआ काम

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दुहाई स्थित श्मशान घाट में नगर निगम के टेंडर खुलने से पहले ही मिट्टी का भराव हुआ शुरू। - फोटो : GHAZIABAD City
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श्मशान घाट में भ्रष्टाचार का भराव, टेंडर से पहले हुआ काम
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गाजियाबाद। मुरादनगर श्मशान घाट हादसे के बाद भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। ताजा मामला श्मशान घाट के जीर्णोद्धार से जुड़ा है। ठेकेदार और अधिकारियों के बीच साठगांठ का ये खेल हैरान करने वाला है। मामला दुहाई के श्मशान घाट का है जिसमें टेंडर डलने की अंतिम तिथि से पहले ही मिट्टी का भराव हो गया। जबकि भराव और गेट के निर्माण को लेकर 18 फरवरी यानी बृहस्पतिवार तक टेंडर मांगे गए थे जो 19 फरवरी को खुलना है। भाजपा के ही एक पार्षद ने सेटिंग के इस खेल पर मोर्चा खोला तो नगरायुक्त ने मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही।
नगर निगम के वार्ड-46 के दुहाई श्मशान घाट में जीर्णोद्धार के लिए दो टेंडर निकाले गए। पहले टेंडर में श्मशान घाट के अंदर कमरा, शेड और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने को 14.35 लाख का कार्य शामिल किया। दूसरे टेंडर में अंदर मिट्टी के भराव और गेट के निर्माण के लिए 20.18 लाख का लागत खर्च मानकर ई-टेंडर आमंत्रित किए गए। इसके लिए निगम की ई-टेंडर की प्रक्रिया तीन फरवरी को शुरू हुई। 18 फरवरी की शाम पांच बजे तक टेंडर अपलोेड करने की अंतिम तिथि थी। लेकिन निगम अधिकारियों से सांठगांठ और पहले से ही टेंडर मिलने को सुनिश्चित देख ठेकेदार ने श्मशान घाट के अंदर डंपर से मिट्टी का भराव कराना शुरू कर दिया। टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू होने का मामला सामने आया तो अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे। वार्ड-91 के भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने पूरे मामले में शिकायत मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय, मंडलायुक्त, डीएम और नगर आयुक्त से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
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ध्यान रहे कि मुरादनगर श्मशान घाट में गलियारे की छत गिरने से 24 लोगों की जिंदगी चली गई थी। इस मामले में भी ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच साठगांठ का खुलासा हुआ था जिसमें नगर पालिका की ईओ व जेई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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टेंडर आवंटन की पहले ही हो चुकी थी सांठगांठ
भाजपा के पार्षद व जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल का कहना है कि नगर निगम में निविदा प्रक्रिया में जारी अनियमितता और श्मशान घाट में भ्रष्टाचार का मामला बेहद गंभीर है। दुहाई के श्मशान घाट में मिट्टी के भराव और गेट के निर्माण के लिए निकाले गए टेंडर को डालने की 18 फरवरी आखिरी तारीख थी। शिकायत पर जब श्मशान घाट का स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर मिट्टी का भराव किया जा रहा था। टेंडर आवंटन से पहले ही मिट्टी का भराव होने से साफ है कि ठेकेदार की नगर निगम अधिकारियों से काम मिलने की बात पहले ही तय हो चुकी थी। भ्रष्टाचार के इस मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
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एक श्मशान घाट के दो टेंडर निकालने पर उठे सवाल
श्मशान घाट के दो टेंडर निकालने पर भी भाजपा पार्षद ने सवाल उठाए हैं। नगर निगम ने दुहाई श्मशान घाट में कमरे, शेड और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने को 14.35 लाख और मिट्टी के भराव के साथ गेट के निर्माण के लिए 20.18 लाख के ई-टेंडर निकाले। एक ही टेंडर में दोनों कार्यों को नहीं निकालने के पीछे निगम अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा पार्षद ने बताया कि श्मशान घाट में कुल 5040 क्यूबिक मीटर मिट्टी का भराव होना था। ऐसे में कुल काम की जगह टेंडर में अधिक लागत दर्शाए जाने की जांच होनी चाहिए।
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कोट...
दुहाई श्मशान घाट में मिट्टी के भराव संबंधी मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो बेहद गंभीर मामला है। इसकी विभागीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर निगम का कोई अधिकारी शामिल है तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। - महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त
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