जितेंद्र पर मुखबिरी का शक, हरेंद्र को चश्मदीद होने की वजह से मारा
गाजियाबाद। वेव सिटी सेक्टर-4 में बुधवार रात गोली मारकर की गई हरेंद्र और जितेंद्र की हत्या के मामले में दो दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि पुलिस को जांच में कई अहम जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि जितेंद्र की हत्या मुखबिरी के शक में की गई। वारदात के दौरान हरेंद्र साथ था, इसलिए चश्मदीद होने की वजह से उसे भी मार दिया।
दुजाना गांव निवासी अरुण, बिल्लू, अनिल, विनोद, जितेंद्र और हरेंद्र दोस्त थे। पुलिस के अनुसार ये सभी साथ में सट्टा भी खेलते थे। अरुण का नगर कोतवाली क्षेत्र में एक महिला से संबंध हो गए। महिला के परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अरुण की पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण अरुण की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बिल्लू को जितेंद्र पर शक था कि अरुण की पिटाई के मामले में वह शामिल था। दूसरी ओर रंगदारी के मामले में बिल्लू जब जेल गया तो उसे जितेंद्र पर मुखबिरी करने का शक हुआ। इस वजह से वह जितेंद्र से दुश्मनी मानने लगा। पुलिस के अनुसार आरोपियों की दुश्मनी जितेंद्र से थी। प्रीति के अनुसार जितेंद्र जब अनिल और विनोद से मिलने जा रहे थे तो वह घबराए हुए थे। इसलिए जितेंद्र हरेंद्र को अपने साथ ले गया। पुलिस का कहना है कि अंदेशा है कि कहासुनी में हरेंद्र को जितेंद्र का पक्ष लेने और चश्मदीद होने के कारण आरोपियों ने मार दिया। एसएसपी मुनिराज का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें जुटी हैं। जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।