पानी के लिए कोरोना कर्फ्यू तोड़ने को मजबूर हुए 5 हजार लोग
गाजियाबाद। नेहरू नगर थर्ड के बाद अब प्रताप विहार सेक्टर-12 में पानी का संकट खड़ा हो गया है। तीन दिन से सेक्टर-12 के एच ब्लॉक समेत बड़े क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप है। करीब पांच हजार परिवार को पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही। शिकायत पर नगर निगम ने टैंकर भेजा तो यह पांच हजार लोग पानी के लिए कोरोना कर्फ्यू तोड़ने को मजबूर हो गए।
प्रताप विहार सेक्टर-12 में नगर निगम पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन बीते शुक्रवार से सेक्टर-12 के एच, एफ समेत कई ब्लॉक में पानी की आपूर्ति ठप है। एक दिन लोग इंतजार करते रहे, लेकिन अगले दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं मिली तो उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद निगम अधिकारियों ने कॉलोनी में पानी का टैंकर भिजवाया। कई दिन से पानी के संकट से जूझ रहे लोग बाल्टियां लेकर पानी लेने पहुंच गए। मजबूरी में उन्हें कोरोना कर्फ्यू का नियम तोड़ना पड़ा। कर्फ्यू के पालन से ज्यादा जरूरी उनके लिए पानी का इंतजाम करना था।
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ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लोग झेल रहे फजीहत
प्रताप विहार में जीडीए के चार मंजिला फ्लैट हैं। इन फ्लैटों में बड़ी आबादी रहती है। पाइप लाइन से आपूर्ति ठप होने पर नगर निगम ने पानी का टैंकर भेजा तो ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाले लोगों ने तो पानी घरों में पहुंचा दिया, लेकिन तीसरी-चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पानी लेकर चार मंजिल तक सीढ़ियों से चढ़ना मुश्किल भरा था। ऐसे में लोगों ने सिर्फ जरूरत भर का पानी लिया और पाइप लाइन से सप्लाई मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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दिन भर तलाशते रहे, निगम कर्मियों को नहीं मिला फॉल्ट
नगर निगम के कर्मचारी रविवार को क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने कई स्थानों पर खुदाई कर पाइप लाइन की चेकिंग की, लेकिन फॉल्ट नहीं मिला। कर्मचारियों का कहना था कि पाइप लाइन चोक हो जाने की वजह से पानी की आपूर्ति बंद है। वहीं एक पंप भी खराब हो गया है। शाम तक काम करके कर्मचारी चले गए, लेकिन पानी की आपूर्ति चालू नहीं हो पाई थी।
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अमृत योजना में बनकर तैयार है नलकूप, जल निगम ने नहीं किया चालू
प्रताप विहार सेक्टर-12 के एच ब्लॉक में जल निगम ने अमृत योजना के तहत एक 30 एचपी नलकूप का निर्माण किया है। नलकूप की बोरिंग हो जाने के बाद यहां पंप हाउस भी बनाया जा चुका है। करीब 30 लाख रुपये इसमें खर्च हो चुके हैं, लेकिन बिजली का कनेक्शन न हो पाने की वजह से इस नलकूप का संचालन नहीं हो पाया। इस नलकूप के चालू हो जाने से करीब पांच हजार से ज्यादा की आबादी की पानी की किल्लत खत्म हो सकती है।
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परिचर्चा
बीते तीन दिन से कॉलोनी में पानी का संकट है। पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है, लेकिन नहाने-कपड़े धोने के लिए पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। - प्रदीप कुमार, स्थानीय निवासी
प्रताप विहार में आए दिन पानी का संकट रहता है। 30 एचपी का नलकूप बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन जल निगम और नगर निगम के अधिकारी इसे संचालित नहीं करा पा रहे हैं। लोग परेशानी झेल रहे हैं। - सुभाष चंद, स्थानीय निवासी
नगर निगम ने पानी का टैंकर तो भेज दिया, लेकिन मुश्किल यह है कि इसे ऊपरी मंजिलों पर कैसे पहुंचाया जाए। नगर निगम को समस्या का स्थायी समाधान कराना चाहिए। - पवन गुप्ता, स्थानीय निवासी
नगर निगम हर साल करोड़ों रुपये का बजट खर्च करता है, लेकिन पानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। नगर निगम को नलकूपों को स्टैंड बाई पर रखना चाहिए, ताकि एक नलकूप खराब होने पर दूसरे से सप्लाई दी जा सके। - सुशील शर्मा, स्थानीय निवासी
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कोट
जगह-जगह खुदाई कर पाइप लाइन की चेकिंग कराई गई है। कई जगह पर रेत जम जाने से प्रेशर कम हो गया था और एक नलकूप खराब हो गया था। जो समस्या थी, उसका समाधान हो चुका है। सोमवार सुबह क्षेत्र में पानी की आपूर्ति मिल जाएगी। - अजय कुमार, अवर अभियंता, जलकल
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प्रताप विहार एच-ब्लॉक में लगे 30 एचपी नलकूप का मोटर खराब हो गया है। तीन दिन से नगर निगम अधिकारियों को शिकायत की गई है। रविवार को उस पर काम हुआ है, सोमवार सुबह तक पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। - कृपाल सिंह, क्षेत्रीय पार्षद
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क्षेत्रीय अवर अभियंता को शनिवार रात में ही निर्देश दे दिए गए थे, रविवार सुबह से ही कर्मचारी काम कर रहे थे। रविवार देर शाम तक काम किया गया। नलकूप की मोटर बदलवाई जा रही है, सोमवार से क्षेत्र में पानी की सप्लाई बहाल हो जाएगी। - योगेंद्र यादव, अधिशासी अभियंता, नगर निगम