दुहाई डिपो में क्रेन की मदद से ट्रैक पर उतारी गई रैपिड रेल
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दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे कॉरिडोर पर दौड़ने वाली पहली रैपिड रेल सोमवार को प्राथमिकता खंड के दुहाई डिपो में पहुंची। गुजरात के सावली में एलस्ट्रोम प्लांट से आए रैपिड रेल को छह कोच को बड़े ट्रेलरों से नीचे उतारा गया।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के इंजीनियरों की टीम ने बड़ी क्रेन की मदद से सभी छह कोच को उतारकर पटरियों पर रखा। पटरियों पर पहली रैपिड रेल के आने के बाद उसके सभी कोच को आपस में जोड़ने का काम आगामी दो से तीन दिन में पूरा किया जाएगा। इसके बाद ट्रेन के दुहाई डिपो के अंदर मुख्य ट्रायल से पहले जुलाई तक तकनीकी परीक्षण व ट्रायल किए जाएंगे।
कोच में सभी प्रणालियों के सुचारु रूप से कार्य करने की पुष्टि होने के बाद अगस्त से मुख्य ट्रायल रन को हरी झंडी दी जाएगी। एनसीआरटीसी की तैयारी अगस्त से दिसंबर 2022 केबीच ट्रायल रन को पूरा करने की है फिर साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड पर रैपिड रेल दौड़ेगी। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स ने बताया कि सभी कोच को आपस में जोड़ने के बाद तकनीकी संबंधी परीक्षण का दौर शुरू होगा।