निलंबन की संस्तुति में पिछला रिकॉर्ड रहा है खराब
जीडीए की ओर से बीते तीन सालों में 10 अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। लेकिन कार्रवाई का रिकॉर्ड खराब रहा है। 2019 में इंदिरापुरम में नक्शे के विपरीत 15 से 28 यूनिटों के निर्माण के मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष ने पांच अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। राजेंद्रनगर में 2019 में जीडीए की गोपनीय समिति ने 10 निर्माणाधीन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत निर्माण का मामला पकड़ा। मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने पांचजेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। लेकिन अब तक किसी पर कोई गाज नहीं गिरी है।
जीडीए के दो कर्मचारियों और भवन मालिक के खिलाफ मधुबन बापूधाम थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें वादी ने एक वीडियो क्लिप को आधार बनाया है। भ्रष्टाचार के मामले में दो महत्पर्वूण पहलू हैं। पहली अवैध धन की मांग साबित करना और फिर उसकी रिकवरी करना। वीडियो के साथ-साथ अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य इकट्ठा कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
- अंशु जैन, सीओ कविनगर