पुलिस ने बताया कि घटना के बाद मंदिर के पदाधिकारियों ने 112 और 108 नंबर पर कॉल करने की जानकारी दी थी, लेकिन जांच में न तो 112 नबंर पर कॉल हुई है और न ही 108 नंबर पर। पुलिस का कहना है कि यह जानकारी पुलिस को गलत दी गई। साथ ही प्राथमिक उपचार के लिए सबसे पहले पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना था। जबकि 35 मिनट तक साधू घायल अवस्था में मंदिर के अंदर ही घूमते रहे।
घटना का होगा रीक्रिएशन
डासना मंदिर में साधू पर हमले की जांच में कई बिंदू सामने आए हैं। पुलिस पूरी घटना का रीक्रिएशन करेगी। घटना के बाद किससे संपर्क किया गया, किस नंबर से किसको कितनी कॉल हुईं इसकी भी जांच की जा रही है। घटना का खुलासा जल्द किया जाएगा। कुछ साक्ष्य हाथ लगे हैं।-डॉ. ईरज राजा, एसपी देहात