24 घंटे में 1225 ने कोरोना को दी मात
गाजियाबाद। तीसरी लहर में शनिवार का दिन राहत भरा रहा। एक तरफ पांच दिन के बाद संक्रमण के मामले कम आए तो दूसरी तरफ 24 घंटे में 1225 लोगों ने कोरोना को मात दी। इनमें एक मरीज अस्पताल में भर्ती था, उसे डिस्चार्ज किया गया। 1422 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 20 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 8 संक्रमितों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ी।
डीएसओ डॉ. राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि इस समय जिले मे ं10806 सक्रिय मरीज हैं। शुक्रवार को 1963 मरीज मिले थे। डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि जिन मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है, उनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं और उन्हें कोरोना के अलावा भी अन्य बीमारियां हैं। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी है, लेकिन उनकी हालत स्थिर है।
संक्रमण में आ सकता है ठहराव
डीएसओ का कहना है कि संक्रमण के फैलाव में मामूली ठहराव आया है। लोगों में जागरूकता आई है। संक्रमण में यह ठहराव जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में संक्रमितों के स्वस्थ होने की संख्या बढ़ेगी, जिससे सक्रिय मरीजों की संख्या में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि टीकाकरण कराने से तीसरी लहर में लोगों को भर्ती कराने की जरूरत कम पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह में सिर्फ 200 लोगों को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूसरी लहर की अपेक्षा भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम है। दूसरी लहर में अप्रैल में 13668 और मई में 14167 लोग संक्रमित हुए थे। इनमें 25 फीसदी मरीजों को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी। तीसरी लहर में 12874 मरीजों में सिर्फ 181 मरीजों को भर्ती कराने की जरूरत पड़ी, इनमें से अधिकांश मरीजों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है।
11 हजार को जांच रिपोर्ट का इंतजार
15 दिन में 112874 लोगों की जांच में 12874 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अभी 11 हजार से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोएडा के जिम्स लैब में करीब पांच हजार और लखनऊ केजीएमयू में भी लगभग छह हजार सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती है, घर में होम आइसोलेट रहें और परिवार के सदस्यों से दूरी रखें। इससे अन्य लोग संक्रमण से बच सकेंगे।