राजनगर सेक्टर-4 में जीडीए वीसी के आदेश पर प्रवर्तन दस्ते ने करीब 15-20 घरों के रैंप तोड़ डाले। बिना नोटिस अचानक की गई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों भड़क उठे और कार्रवाई का विरोध करते हुए स्थानीय पार्षद व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष से शिकायत की।
पार्षद ने जीडीए अफसरों को फोन कर विरोध जताया, जिसके बाद कार्रवाई रोकी गई। पार्षद व स्थानीय निवासियों ने जीडीए अधिकारियों पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।राजनगर सेक्टर-4 में जीडीए वीसी कंचन वर्मा अपने सरकारी आवास में रहती हैं।
वीसी आवास के साथ ही सेक्टर के बाकी घरों के बाहर काफी लंबे रैंप बने हुए हैं। सोमवार दोपहर को जीडीए का दस्ता राजनगर सेक्टर-4 में अतिक्रमण हटाने पहुंचा। दस्ते ने सबसे पहले वीसी आवास का करीब 10 फीट लंबा रैंप तोड़ा। इसके बाद अन्य मकानों के रैंप भी तोड़े जाने लगे। दोपहर के वक्त अचानक हुई कार्रवाई से लोग भड़क उठे।
सूचना पर राजनगर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष आरके जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रवर्तन दस्ते में शामिल सहायक अभियंता से वार्ता की। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं रुकी तो उन्होंने पार्षद राजेंद्र त्यागी से फोन पर शिकायत की। राजेंद्र त्यागी ने जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले और अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को फोन कर कार्रवाई का विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि राजनगर कालोनी जीडीए के अधीन नहीं आती है क्योंकि वह नगर निगम को हैंडओवर कर चुका है। ऐसे में रैंप तोड़ने की कार्रवाई नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। वहीं. बिना पूर्व नोटिस के जीडीए कैसे कार्रवाई कर सकता है। उधर, विरोध बढ़ता देख जीडीए अधिकारियों ने रैंप तोड़ने की कार्रवाई को रुकवा दिया।
वहीं बताया जा रहा है कि अब स्थानीय रेजिडेंट्स जीडीए अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे। उधर, जीडीए वीसी ने कंचन वर्मा ने लोगों से रैंप हटाने की अपील की है। उन्होंने अब शहर के लोगों को एक सप्ताह का समय दिया है। इस अवधि में लोग खुद ही सड़कों पर बने रैंप हटा सकेंगे।
एक सप्ताह बाद जीडीए अवैध रैंप हटाने के लिए अभियान चलाएगा।
जीडीए की कार्रवाई तानाशाहीपूर्ण है। पहले जीडीए को बताना चाहिए कि घरों के आगे कितना रैंप बनाया जा सकता है। फिर नोटिस जारी करे। नोटिस पर भी लोग खुद रैंप न हटाए तो कार्रवाई की जा सकती है।
- राजेंद्र त्यागी, स्थानीय पार्षद
जीडीए वीसी का आवास ही अवैध बना हुआ है। यह जगह कन्वीनिएंट शॉपिंग सेंटर के लिए रिजर्व की गई थी। ऐसे में जीडीए पहले अपने सरकारी आवास को ध्वस्त करे, इसके बाद लोगों के रैंप को तोड़ने के बारे में सोचे। - आरके जैन, अध्यक्ष, राजनगर आरडब्ल्यूए