उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से गंगा में बहकर आए मलबे और सिल्ट ने नोएडा और टीएचए में गंगाजल की सप्लाई पर संकट खड़ा कर दिया है। सिल्ट बढ़ने पर सिंचाई विभाग ने हरिद्वार से गंगनहर बंद कर दी है। इसके चलते प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट सोमवार दोपहर बंद कर दिया गया। अब मंगलवार से टीएचए और नोएडा की कालोनियों को गंगाजल आपूर्ति नहीं मिल पाएगी। ऐसे में दोनों क्षेत्रों को अब कई दिन पानी का संकट झेलना पड़ सकता है।
सोमवार को गंगाजल प्लांट में पानी कम पहुंचा तो जल निगम के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अफसरों से जानकारी की। तब उन्हें गंगनहर के बंद होने की सूचना मिली। सोमवार दोपहर तक 50 फीसदी पानी नोएडा और टीएचए को दिया गया है। टीएचए और नोएडा में सोमवार शाम स्टोरेज किए गए पानी की आपूर्ति की गई। अब मंगलवार से दोनों क्षेत्रों में गंगाजल आपूर्ति नहीं हो सकेगी। गंगाजल प्लांट प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से अभी गंगनहर चालू किए जाने का मैसेज नहीं मिला है।
सिल्ट की मात्रा कम हुई तो मंगलवार को गंगनहर चालू की जा सकती है। हालांकि फिलहाल उत्तराखंड में भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए लगता है कि टीएचए और नोएडा में पानी की सप्लाई तीन-चार दिन तक बाधित रह सकती है।
टीएचए की इन कालोनियों में रहेगा गंगाजल संकट
वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, ब्रिज विहार, सूर्य नगर, चंद्र नगर, रामप्रस्थ, रामपुरी, कड़कड़ मॉडल।
अपने संसाधनों से करनी होगी वाटर सप्लाई
गंगाजल सप्लाई बंद होने से नगर निगम अपने ट्यूबवेलों से टीएचए की कालोनियों में पानी की आपूर्ति करेगा। हालांकि इन संसाधनों से पानी की डिमांड को पूरा कर पाना मुश्किल होगा। नगर निगम सिर्फ आधे से एक घंटे पानी की सप्लाई देगा। निगम ने इसके लिए तैयारी कर ली है।