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आज से 31 मार्च तक मिलेगी हाउस टैक्स में 20 फीसदी छूट

Sat, 19 Mar 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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विकास - फोटो : अमर उजाला
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शहर के हाउस टैक्सदाताओं को अब 31 मार्च तक 20 फीसदी की छूट मिलेगी। शुक्रवार को हंगामे के बीच हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद सदन ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। सदन ने शनिवार से ही इस छूट को लागू करने और होली की छुट्टियों में भी टैक्स जमा करने के निर्देश दिए।
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हालांकि निगम अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर बेमन से सहमति दी। बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें से 16 प्रस्ताव पास हो गए, पांच निरस्त कर दिए गए। विज्ञापन नियमावली पास करने का एक प्रस्ताव अगली बैठक में रखा जाएगा।

सुबह 11 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बोर्ड बैठक शुरू हुई। महापौर अशु वर्मा की अध्यक्षता और प्रभारी नगर आयुक्त डीके सिन्हा की मौजूदगी में शुरू हुई बैठक में सबसे पहले नवंबर 2015 में हुई बोर्ड बैठक के मिनिट्स की पुष्टि हुई।
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पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में रुके विकास कार्यों को लेकर हंगामा कर दिया। पार्षद द्वारिका प्रसाद ने सामुदायिक भवन न बनने पर विरोध जताया। अन्य पार्षदों ने भी विरोध जताया कि हर बार निगम बोर्ड प्रस्ताव पारित करता है, लेकिन अफसर प्रस्तावों पर अमल नहीं करते।

इस पर महापौर अशु वर्मा ने कहा कि अगली बैठक में अधिकारी पूर्व की बैठक के मिनिट्स और क्रियान्वयन रिपोर्ट एक साथ प्रस्तुत करें। इसके बाद हाउस टैक्स में 20 फीसदी छूट के प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो सभी पार्षदों ने ध्वनि मत से उसे पास करने पर सहमति दी।

इस पर प्रभारी नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने वर्ष 1982 के एक  शासनादेश का हवाला देते हुए छूट देने में असमर्थता जताई। पार्षदों ने विरोध किया तो डीके सिन्हा बोले कि ‘एक्ट में छूट देने का प्रावधान नहीं है’। इस पर पार्षद अनिल स्वामी का पारा हाई हो गया।

उन्होंने कहा कि एक्ट में प्रावधान नहीं था तो अब तक किस अधिकारी के आदेश से छूट दी जा रही थी। उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करो। पार्षद राजेंद्र त्यागी, मुकेश त्यागी, प्रवीन चौधरी, जाकिर सैफी, आदिल मलिक ने भी छूट का समर्थन कर अफसरों को घेरा तो अफसर बैक फुट पर आ गए।

सभी पार्षदों की सहमति पर मेयर ने 20 फीसदी छूट शनिवार से ही लागू करने का प्रस्ताव पास कर दिया। हालांकि अधिकारी बोर्ड से पास हुए इस प्रस्ताव को शासन को रेफर करने की तैयारी कर रहे हैं।


जनता की सहूलियत के लिए छूट की अवधि 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव सदन से पास हो गया है। शनिवार से टैक्स जमा करने वालों को 20 फीसदी की छूट मिलेगी। - अशु वर्मा, महापौर

बोर्ड से प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तकनीकी पहलुओं पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। - डीके सिन्हा, प्रभारी नगर आयुक्त

वाटर एटीएम लगाने का रास्ता साफ, कंपनियों से लेंगे प्रपोजल

शहर में वाटर एटीएम लगाने का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम बोर्ड ने इस पर सहमति दे दी है। अब निगम अधिकारी प्राइवेट कंपनियों से ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट) मांगेंगे। इसके बाद सबसे सस्ती दरों पर पानी मुहैया कराने वाली फर्म के साथ करार किया जाएगा।

आरओ प्लांट लगाने के लिए नगर निगम कंपनी को सस्ती दरों पर जमीन देगा। प्लांट की रनिंग कास्ट पानी बेच कर निकाली जाएगी।

गड्ढा मुक्त होंगी सड़कें, 10 करोड़ का बजट होगा खर्च

शहर की सभी सड़कें गड्ढामुक्त होंगी। इसके लिए निर्माण विभाग ने सड़कों की सूची बोर्ड बैठक में रखी और इन पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने इन सड़कों के अलावा वार्ड की अंदरूनी सड़कों पर भी पैचवर्क कराने की मांग की।

महापौर ने प्रथम चरण में शहर की मुख्य सड़कें और दूसरे चरण में कालोनी की अंदरूनी सड़कों पर पैचवर्क कराने के निर्देश दिए। इसके लिए बजट बढ़ाकर 10 करोड़ किया गया।

दूर होगी सीवर समस्या, एसटीपी से जुड़ी ट्रंक लाइनें होंगी साफ

शहर की फिलहाल सबसे बड़ी सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी जल्द ही दूर होगी। ट्रंक लाइन चोक होने की वजह से पुराने गाजियाबाद क्षेत्र का सीवरेज डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी वजह से कालोनियों में सीवर ओवरफ्लो है।

पार्षद अनिल स्वामी के इस प्रस्ताव पर निगम बोर्ड ने ट्रंक लाइन की सफाई के लिए एस्टिमेट तैयार कराकर टेंडर कॉल करने की सहमति दे दी है। इस लाइन की सफाई पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेयर ने शहर के सभी एसटीपी तक पहुंचने वाली ट्रंक लाइन की सफाई के एस्टिमेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पांच पार्षदों की कमेटी एसटीपी और सीवर लाइनों का निरीक्षण भी करेगी।

जोनल अधिकारियों को मिली पॉलिथीन के लिए जुर्माने की पावर

शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए निगम ने जोनल अधिकारियों को पावर डेलीगेट कर दी है। अब जोनल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चला सकेंगे। इनके अलावा सेनेट्री इंस्पेक्टर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नगर आयुक्त के पास भी यह पावर पहले से है।

शहर में होगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन

निगम बोर्ड ने वसुंधरा जोन के बाद शहर भर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू करने की सहमति दे दी है। सदन ने प्रभारी नगर आयुक्त को सभी जोन के लिए अलग-अलग एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट मांगने के निर्देश दिए हैं। फर्मों से प्रस्ताव लेकर पीपीपी मॉडल पर कूड़ा निस्तारण प्लांट भी लगाए जाएंगे। घर-घर से कूड़ा कलेक्ट करने की एवज में प्राइवेट फर्म यूजर चार्ज वसूल सकेगी।

विहार डंपिंग ग्राउंड का ठेके पर होगा समतलीकरण

प्रताप विहार डंपिंग ग्राउंड में बेतरतीब जमा हुए हजारों टन कचरे को समतल करने के लिए नगर निगम प्राइवेट कंपनियों का सहारा लेगा। फिलहाल डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के लिए जगह नहीं बची है। समतलीकरण के बाद यहां फिर से कूड़ा डाला जा सकेगा। प्राइवेट कंपनी को इस काम के लिए निगम हर महीने 34.38 लाख रुपये देगा।

तालाबों का जीर्णोद्धार करेंगे, कई गांवों के तालाब चयनित

स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने डूंडाहेड़ा, मोरटा, सिकरोड़, कोयल एंकलेव, महरौली, दुहाई के तालाबों की सफाई के प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लगा दी। इस दौरान पक्का तालाब की बदहाल हालत का मुद्दा भी उठा।

पार्षद पति राजीव शर्मा ने कहा कि जीर्णोद्धार कर निगम ने ऐतिहासिक तालाब का अस्तित्व खत्म कर दिया। अन्य स्थानों पर तालाबों की सफाई तो कराई जाए, लेकिन उनके मूल रूप से छेड़छाड़ न की जाए।

ट्रैक्टर खरीद की फाइल मेयर ने तलब की

ट्रैक्टर खरीद में घोटाले का आरोप लगा तो मेयर ने इनकी फाइलें तलब कर ली। पार्षदों का आरोप है कि कूड़ा लिफ्टिंग के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर बेकार है। ये गैराज में खड़े हैं। अफसरों ने अपने लाभ के लिए ट्रैक्टर खरीद लिए, सदन और विभागीय कर्मचारियों से भी राय नहीं ली गई।

मेयर ने अब भविष्य में वाहन या उपकरण खरीदने से पहले सदन और विभागीय कर्मचारियों की भी राय लिए जाने के निर्देश दिए।

फर्जी फर्म को किया करोड़ों का भुगतान

नगर निगम में स्ट्रीट लाइटों के पार्ट्स खरीदने के लिए एक फर्जी फर्म को करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा ने दस्तावेज सदन में लहराकर बताया कि फर्म का दिया हुआ पता फर्जी है। निगम में उसका रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।

फर्म ने जो टिन नंबर बताया है वह भी फर्जी है। इस मामले की जांच की जाएगी। इसमें तीन पार्षदों और दो अधिकारियों की संयुक्त जांच कमेटी बनाई गई है। संलिप्तता मिली तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

शालीमार गार्डन से नहीं हटेगा सफाई सुपरवाइजर

शालीमार गार्डन में सफाई सुपरवाइजर को मूल पद पर भेजने से शुरू हुआ विवाद थम गया। पार्षद सरदार सिंह भाटी की शिकायत पर यह मुद्दा सदन में गूंजा तो बोर्ड ने सुपरवाइजर को हटाए जाने पर रोक लगा दी। अन्य वार्डों में भी अब पार्षदों की सहमति पर सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे।
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