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आत्महत्या के लिए उकसाने वाले चार दोषी करार

Sun, 17 Apr 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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court - फोटो : अमर उजाला
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 रुपयों के लेनदेन में एक युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में एडीजे-5 राजेश चौधरी ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों की सजा पर बहस अब सोमवार को होगी।
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जानकारी के अनुसार वैशाली सेक्टर-3 में रहने वाला सुरेंद्र शर्मा प्रापर्टी डीलर का काम करता था। एक फ्लैट लेने के नाम पर सुरेंद्र ने जीडीए के सुपरवाइजर चंद्रपाल यादव और प्रॉपर्टी डीलर सरदार ज्ञान सिंह को 15.5 लाख रुपये दिए थे।

इसमें से साढे़ छह लाख रुपये सुरेंद्र ने साथी प्रापर्टी डीलर संजय शर्मा, अमित भाटी और संतोष मोदी से उधार लिए थे। सरकारी वकील प्रमोद कुमार तंवर के अनुसार आरोपी ज्ञान सिंह और चंद्रपाल यादव ने न तो सुरेंद्र को फ्लैट दिया और न ही उसका पैसा वापस कर रहे थे।
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उधर अमित, संतोष और संजय अपना साढे़ छह लाख रुपये वापसी के लिए सुरेंद्र पर दबा बना रहे थे। इसके लिए सुरेंद्र से तीनों आरोपियों ने जबरन चेक भी साइन करा लिए थे। दरअसल इन सभी की नजर सुरेंद्र के आफिस पर थी। सभी उसे कब्जाना चाहते थे।

इसी के चलते 7 मार्च 2010 को सुरेंद्र शर्मा अपने घर से चला गया और इंदिरापुरम के अभयखंड स्थित अपने दूसरे फ्लैट में सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पूर्व सुरेंद्र ने सुसाइड नोट भी छोड़ा था।

उसमें संजय, अमित, संतोष, ज्ञानसिंह और जीडीए सुपरवाइजर चंद्रपाल यादव को अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार बताया था। सरकारी वकील ने बताया कि चंद्रपाल तभी से फरार है। तत्कालीन एसएसपी प्रशांत कुमार ने उस पर कार्रवाई के लिए जीडीए सचिव को पत्र भी लिखा था। बाकी चारों आरोपियों को कोर्ट ने शनिवार को दोषी करार दे दिया।
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