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Kisan Andolan News: अगर किसानों की बात नहीं मानी तो अन्नदाता 26 जनवरी को करेंगे ट्रैक्टर परेड

Sat, 02 Jan 2021 04:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

शीतलहर, कोहरे और बारिश की मार झेलते हुए दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 38वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आज जहां सुबह बारिश ने किसानों को परेशान किया वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर एक 75 वर्षीय किसान ने शौचालय में आत्महत्या कर ली। इससे पूरे आंदोलन स्थल पर शोक की लहर दौड़ गई है। किसान ने एक सुसाइड नोट पंजाबी में लिखकर छोड़ा है। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
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गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में प्रदर्शन करते बच्चे - फोटो : कुमार संजय
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विस्तार
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गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन करते बच्चे

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दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर आज बड़ी संख्या में छोटे बच्चे प्रदर्शन करने और किसानों का समर्थन करने पहुंचे हैं। ये सभी बच्चे कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग लेकर बैठे हैं।

किसान परिवारों से अपील अपने एक सदस्य को दिल्ली भेजेंः योगेंद्र यादव
स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने किसान नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर 26 जनवरी तक हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम दिल्ली में 'किसान गणतंत्र परेड' निकालेंगे। हम आसपास के इलाकों के किसानों और दिल्ली के आसपास रहने वाले हर किसान परिवार से अपील करते हैं कि वह अपने परिवार के एक सदस्य को मुमकिन हो तो दिल्ली भेजें।
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26 जनवरी को किसान निकालेंगे ट्रैक्टर किसान परेड
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने अन्य किसान नेताओं के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि 23 जनवरी को किसान विभिन्न प्रदेशों में राज्यपाल भवन की तरफ मार्च करेंगे और 26 जनवरी को किसान 'ट्रैक्टर किसान परेड' निकालेंगे।




बिना पोस्टमार्टम ले गए शव
किसान कश्मीर सिंह का शव बिना पोस्टमार्टम के ही उनके गांव ले जाया गया।

चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने रखा मौन, अर्पित की मृतक किसान को श्रद्धांजलि
सरदार कश्मीर सिंह निवासी बिलासपुर, जनपद रामपुर जिन्होंने किसान आंदोलन में किसानों की तकलीफ और 54 किसानों की मृत्यु से आहत होकर गाजीपुर बॉर्डर पर आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। आज भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति  के दर्जनों कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने चिल्ला बॉर्डर धरनास्थल पर मौन धारण कर शहीद सरदार कश्मीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और यह संकल्प लिया कि शहीद किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा जब तक सरकार तीन काले कानूनों को वापस नहीं लेती है तथा एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनाती है तब तक भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति अंतिम क्षण तक इस लड़ाई को लड़ती रहेगी।

सुसाइड नोट में सरकार को बताया जिम्मेदार
किसान कश्मीर सिंह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे पोते-बच्चे के हाथों यहीं दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर होना चाहिए। उनका परिवार बेटा-पोता यहीं आंदोलन में निरंतर सेवा कर रहे हैं। यूपी पुलिस ने अब सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। कश्मीर सिंह ने अपनी आत्महत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। इसका कारण आंदोलन के मद्देनजर इस सरकार को फेल होना बताया है और कहा है कि यह सरकार सुन नहीं रही है इसलिए अपनी जान देकर जा रहा हूं।

गाजीपुर बॉर्डर पर एक किसान ने की आत्महत्या
यूपी गेट यानी गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के 38वें दिन फ्लाईओवर के नीचे शौचालय में एक बुजुर्ग किसान ने आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा गया। मृतक किसान की पहचान कश्मीर सिंह (75) निवासी बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। मृतक किसान के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह सुसाइड नोट पंजाबी में लिखा है जिसका अनुवाद कराया जा रहा  है।

सिंघु बॉर्डर पर आज किसान नेता करेंगे बैठक
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता आज सिंघु बॉर्डर पर बैठक करेंगे जिसमें सरकार के साथ होने वाली अगली बातचीत और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसके बाद किसान नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और अपनी आगे की रणनीति और बैठक में क्या तय हुआ इसके बारे में बताएंगे।

दिल्ली में बारिश ने किसानों की बढ़ाई मुश्किल
दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह हल्की बारिश हुई जिससे किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई टेंट में पानी भरने के कारण किसानों को वहां से हटना पड़ा।
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दिल्ली के ये बॉर्डर आज भी बंद
दिल्ली में आज भी बीते 37 दिनों की तरह किसान आंदोलन के चलते सिंघु, औचंदी, पियाऊ मनियारी, सबोली, मंगेश, चिल्ला, गाजीपुर, टीकरी और धांसा बॉर्डर बंद हैं। इन रास्तों से जाने वाले लोगों को सलाह है कि वह वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें।

सिंघु बॉर्डर पर जारी है किसानों का आंदोलन
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 38वें दिन भी जारी है। 4 जनवरी को किसानों और केंद्र सरकार की वार्ता होगी।
 
 

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