नगर निगम अपने किराएदारों को जल्द ही झटका देगा। आमदनी बढ़ाने के लिए निगम दुकानों का किराया बढ़ाएगा। अब डीएम सर्किल रेट के आधार पर किराए की रकम का निर्धारण किया जाएगा। कार्यकारिणी समिति से प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब पांचों जोन में पार्षदों और अफसरों की ज्वाइंट कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी दुकान का क्षेत्रफल, आवंटन की अवधि आदि की रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर नया किराया वसूला जाएगा।
शहर में निगम की करीब 1300 दुकानें और कियोस्क हैं। 25-30 साल पहले सिटी बोर्ड ने कविनगर, राजनगर, पटेल नगर, विजय नगर, मोहन नगर, रमतेराम रोड, घंटाघर स्थित दुकानों को किराए पर दिया था। उस समय 100-200 रुपये महीना किराया तय किया गया था। इसके बाद वर्ष 2006 में निगम ने वैशाली में करीब 150 कियोस्क बनाकर किराए पर दिए। निगम ने महज 10-15 फीसदी ऐसी दुकानों का किराया रिवाइज किया, जिनमें आवंटियों का नाम बदला गया है।
इनका किराया 300 से 500 रुपये महीना कर दिया गया है। 85 फीसदी दुकानें अभी 100-200 रुपये महीने के किराए पर चल रही हैं, जबकि प्राइवेट दुकानों का किराया 10 से 15 हजार रुपये महीना है। निगम की बजट बैठक में यह मुद्दा उठाया गया और कार्यकारिणी समिति ने किराया बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।