तकरीबन आठ साल बाद नगर निगम अफसरों को आधे शहर में बनी सीवर ओवरफ्लो समस्या की सुध आई। सीवर ट्रंक लाइन जाम की समस्या का समाधान अब नगर निगम और जल निगम मिलकर करेंगे। जल निगम ने 131 करोड़ के बजट से 16 किलोमीटर लंबी ट्रंक लाइन की सफाई और पीवीसी कोटिंग का प्रस्ताव शासन को भेजा था। कई चरणों की मीटिंग के बाद लखनऊ में यूपी और केंद्र सरकार की ज्वाइंट हाईपावर कमेटी ने ‘अमृत’ योजना के तहत प्रोजेक्ट पर फाइनल मुहर लगा दी है।
गाजियाबाद में पहली बार इस्तेमाल होने वाली इस आधुनिक तकनीक वाली योजना से ट्रंक लाइन की सफाई हुई तो करीब 8 लाख की आबादी को सीवर ओवरफ्लो से निजात मिल जाएगी। जल निगम अधिकारियों की मानें तो कमजोर हो चुकी ट्रंक लाइन को पीवीसी कोटिंग के बाद नई मजबूती मिल जाएगी। उसकी मियाद नई करीब 30 साल बढ़ जाएगी। ट्रंक लाइन जाम होने से फिलहाल डूंडाहेड़ा एसटीपी भी बंद है। सफाई के बाद एसटीपी भी चालू हो जाएगा।