सड़कों पर बदमाशों को पकड़ने वाली यूपी-100 की पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) अब हादसे में घायल हुए मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में एंबुलेंस के रूप में भी काम करेगी। प्राथमिक उपचार किट तो पीआरवी में होगी ही, साथ ही साथ घायल को अस्पताल ले जाते समय उसमें पुलिस वाला नहीं बल्कि एंबुलेंस जैसा ही सायरन बजाया जाएगा।
एसपी कंट्रोल रूम एके पांडेय ने बताया कि पीआरवी में कई ऐसे सिस्टम लगे हैं। जोकि अलग-अलग समय पर भिन्न-भिन्न तरीके से काम करते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि सड़क दुघर्टना या फिर किसी वारादात की स्थिति में पीआरवी एंबुलेंस से पहले पहुंच जाती है।
ऐसे में अगर कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसे तुरंत इलाज की जरूरत है तो पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी घायल को पीआरवी में अस्पताल तक पहुंचाने का काम करेंगे। अस्पताल तक ले जाने के दौरान पीआरवी के ऊपर लगी चारों लाइट एंबुलेंस की तरह नीली जलती हुई जाएंगी। साथ ही कार में लगा सायरन भी एंबुलेंस के सायरन की तरह बजता रहेगा।
पीआरवी ऐसे बनेगी एंबुलेंस:
पीआरवी चालक गाड़ी को एंबुलेंस बनाने के लिए उसमें लगे हुए बाक्स के पहले स्विच को तीसरी पोजिशन पर सेट कर देगा। इससे पीआरवी की लाइट नारंगी की बजाए नीली हो जाएंगी। साथ ही दूसरे स्विच को भी तीसरी पोजिशन पर सेट करने से बाक्स में लगी एक नीले रंग की एलईडी लाइट भी जलने लगेगी।
इसके साथ ही तीसरे स्विच को दूसरी पोजिशन पर सेट करने से पीआरवी का हूटर पुलिस नहीं बल्कि एंबुलेंस के सायरन की तरह बजने लगेगा।
अस्पताल में नहीं बज सकेगा पीआरवी का सायरन
एसपी कंट्रोल रूम ने बताया कि जब पीआरवी मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंचेगी तो उसे अपना हूटर या सायरन बंद करना होगा।
जनता से सहयोग की अपील:
एसपी कंट्रोल रूम का कहना है कि जब पीआरवी एंबुलेंस के रूप में मरीजों को अस्पताल लेकर जाए तो लोग भी सड़क पर जाम की स्थिति में पीआरवी का सहयोग करें। इससे पुलिसकर्मी सही समय से मरीज को अस्पताल तक पहुंचा पाएंगे।