गंगनहर पुल के पास रेलवे ट्रैक पर बुधवार सुबह डीयू स्टूडेंट दीपक (23) का शव मिला। उसके कानों ईयरफोन लगा था। सिर पर चोट और पेट में घाव था। अंदेशा है कि पेट में गोली मारकर उसकी हत्या कर शव फेंका गया है। हत्या को हादसा दर्शाने के लिए ऐसा किया गया है। पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
उन्होंने रंजिश से इंकार किया है।
पुलिस के मुताबिक, दीपक लोनी की पंचवटी कालोनी में परिवार के साथ रहता था। उसके पिता जिले सिंह प्राइवेट नौकरी करते हैं। दीपक दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्राइवेट तौर पर बीए थर्ड ईयर का छात्र था। वह मंगलवार दोपहर 12 बजे घर से वैशाली के लिए निकला था।
दोपहर तीन बजे फोन कर उसने पिता को बताया कि थोड़ी देर में घर आ जाएगा, इसके बाद परिजनों ने फोन किया तो उसने कॉल रिसीव नहीं की। दीपक के दोनों नंबर पर बेल जाती रही। परिजनों ने छात्र के रिश्तेदार और दोस्तों को फोन किया, लेकिन आठ बजे तक उसका पता नहीं चला।
बुधवार सुबह आठ बजे डासना रेलवे स्टेशन के गैंग मेन की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। उधर, परिजनों का कहना है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने क ॉल कर दीपक की दिल्ली निवासी बुआ को दीपक का शव मिलने की सूचना दी, तो परिजन मसूरी थाने पहुंचे। मोर्र्चरी पर जाकर शव की शिनाख्त की।
एसओ मसूरी शावेज खां ने बताया कि दीपक के शरीर पर चोट के निशान हैं, बायां हाथ टूटा है। कान में ईयरफोन लगा हुआ था, अंदेशा है कि पिटाई के बाद पेट में गोली मारकर उसकी हत्या की गई है। जिले सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है, सर्विलांस की मदद से जांच की जा रही है।