गाजियाबाद। ईवी को खुद के बिजली कनेक्शन से चार्ज करना अनुचित नहीं है। ऊर्जा निगम के अफसरों ने इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की है। हालांकि, वाहन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधि के लिए नहीं होना चाहिए। न ही दूसरों के वाहन को उपभोक्ता चार्ज करा सकता है।
जिले में 70 हजार से ज्यादा ईवी पंजीकृत और करीब 35 हजार गैर-पंजीकृत हैं। इन वाहनाें को चार्ज करने के लिए वाहन स्वामियों के पास अब तक कोई गाइडलाइन नहीं थी। यह लोग अपने घरेलू कनेक्शन से इनको चार्ज कर रहे हैं, लेकिन कई लोग इसमें आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। अफसरों से इसकी शिकायत की जा रही है। कई लोग आरोप लगा रहे कि बाहर से चार्ज करना महंगा है। इसके चार्ज अलग हैं, घरेलू कनेक्शन से चार्ज करने पर ऊर्जा निगम को राजस्व की हानि हो रही है। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि खुद के वाहन को घर के कनेक्शन से चार्ज करना अनुचित नहीं है लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह गलत है। यानी उपभोक्ता का वाहन अपना होना चाहिए और उस वाहन को व्यावसायिक उपयोग में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा घरेलू कनेक्शन पर दूसरे लोगों के वाहन चार्ज कराकर उनसे पैसा वसूलने में भी कार्रवाई होगी। इसके लिए उपभोक्ता की बिजली खपत के रिकॉर्ड का अध्ययन कर छापा भी मारा जा सकता है। हालांकि, घरेलू कनेक्शन पर ईवी को चार्ज करने के लिए जरूरत के हिसाब से लोड स्वीकृत कराने और चार्जिंग पॉइंट की वायरिंग भी नियमानुसार कराने की अपील की जा रही है। विदित हो कि ऊर्जा निगम के अफसरों को बीते करीब एक माह में 300 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं। इसमें लोग आरोप लगा रहे हैं कि कुछ लोग घर के कनेक्शन से अपने वाहन को चार्ज कर रहे हैं। वहीं, 100 से अधिक लोग अफसरों से इसकी जानकारी करने पहुंच रहे हैं कि वह अपने घरेलू कनेक्शन से अपना वाहन चार्ज कर सकते हैं या नहीं।
बढ़ रही ईवी चार्जिंग स्टेशन की संख्या
जिले में 400 से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं। इनसे ऊर्जा निगम 5.90 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 7.70 रुपये प्रति यूनिट तक वसूली जाती है। चार्जिंग स्टेशन संचालक वाहन स्वामियों से इसके दोगुने तक चार्ज वसूल रहे हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि नए चार्जिंग स्टेशन के लिए नए आवेदन भी मिले हुए हैं। इनकी जांच की जा रही है। जल्द ही चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ जाएगी।