डासना देवी मंदिर में हिंदू धर्म स्वीकार करने के बाद हवन करते वसीम रिजवी
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शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी अब जितेंद्र नारायण त्यागी बुधवार को लखनऊ रवाना हो गए हैं। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने बताया कि उनके जाने के बाद अब धर्म संसद की तैयारी शुरू की जा रही है। हमें सूचना मिली है कि लखनऊ पहुंचने के बाद उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं, जिसके बाद उनको सुरक्षा दी गई है।
गाजियाबाद में एक दो जनवरी को धर्म संसद का आयोजन होगा। इसके बाद फरवरी में हरिद्वार में आयोजित किया जाएगा। जितेंद्र नारायण के अलावा अन्य लोग भी सनातन धर्म में शामिल होने के लिए संपर्क में हैं। देश ही नहीं विदेश से भी लोग संपर्क कर रहे हैं।
सनातन धर्म में वापसी रहेगा धर्म संसद का मुख्य मुद्दा
17 दिसंबर से लेकर 19 दिसंबर तक यति नरसिंहानंद गिरि हरिद्वार में धर्म संसद का आयोजन करेंगे। जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद से जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता और दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि सहित विभिन्न सामाजिक संगठन के सदस्य धर्म संसद में भाग लेने जाएंगे। इसके अलावा देशभर से संत समाज और महामंडलेश्वर आदि मौजूद रहेंगे।
धर्म संसद में भी सनातन धर्म में वापसी को लेकर चर्चा की जाएगी। जो भी सनातन धर्म अपनाने का इच्छुक है उसका स्वागत किया जाएगा। वसीम रिजवी के साथ ऐेसे लाखों लोग हैं जो सनातन धर्म को अपनाना चाहते हैं। इसके बाद वर्ष 2022 में एक और दो जनवरी को गाजियाबाद में धर्म संसद का आयोजन होगा, जिसमें सनातन धर्म की रक्षा पर संत समाज चर्चा करेगा।