2011 की जनगणना के आंकड़ों पर वार्डों के परिसीमन का काम नगर निगम ने पूरा कर लिया है। 80 से बढ़कर शहर में अब 100 वार्ड हो जाएंगे। 2001 से 2011 के बीच वसुंधरा जोन में आबादी सबसे तेजी से बढ़ी है। वसुंधरा जोन में अब 8 की बजाय 22 वार्ड होंगे। मोहन नगर जोन में 6 वार्ड और विजय नगर जोन में 2 वार्ड बढ़ेंगे।
कविनगर जोन में 2 वार्ड कम हो जाएंगे और सिटी जोन में वार्डों की संख्या समान रहेगी।शासन ने 12 अप्रैल तक वार्ड परिसीमन की रिपोर्ट मांगी थी। शासन के आदेश मिलते ही निगम अफसरों ने अन्य सभी काम छोड़कर परिसीमन का काम शुरू कर दिया।
मंगलवार शाम अधिकारियों ने वार्डों के परिसीमन की फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली। अब इस रिपोर्ट को डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। निगम अधिकारियों ने परिसीमन की इस रिपोर्ट को गोपनीय रखा है। अमर उजाला को सूत्रों ने बताया कि शहर भर के वार्डों में एक भी वार्ड ऐसा नहीं बचा, जिसकी सीमा में बदलाव न हुआ हो।
कई वार्डों का तो अस्तित्व ही नहीं बचा। अन्य वार्डों में उनका विलय हो गया है। वहीं, सबसे ज्यादा वार्ड वसुंधरा जोन में बढ़े हैं, जबकि दूसरे नंबर पर वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी मोहन नगर जोन में हुई है। यहां 6 वार्ड बढ़ गए हैं। विजय नगर जोन में क्रांसिंग्स रिपब्लिक समेत कई कालोनियों में आबादी बढ़ने से 2 वार्ड बढ़ गए हैं।
सिटी जोन में वार्ड की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। हालांकि पुराने शहर में दो वार्ड कम हुए हैं, लेकिन नंदग्राम क्षेत्र में दो वार्ड बढ़ गए हैं। ऐसे में कुल वार्ड की संख्या में कोई अंतर नहीं आया है।
विभिन्न जोन में प्रस्तावित वार्डों की संख्या
जोन पूर्व में वार्ड प्रस्तावित वार्ड
वसुंधरा जोन 08 22
मोहननगर जोन 18 24
सिटी जोन 23 23
विजयनगर जोन 14 16
कविनगर जोन 17 15