अर्थला मेट्रो स्टेशन की वजह से दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो प्रोजेक्ट लेट हो सकता है। डीएमआरसी के मुताबिक एक स्टेशन बनाने में करीब दस महीने का समय लगता है जबकि अर्थला मेट्रो स्टेशन के लिए मिली जमीन पर मौजूद 64 पेड़ों को काटने के लिए अब तक वन विभाग से एनओसी नहीं मिली है।
बता दें कि इस साल दिसंबर में मेट्रो चालू करने का लक्ष्य घोषित है। इसे देखते हुए डीएमआरसी अर्थला स्टेशन के निर्माण को लेकर चिंतित है। अर्थला में दो साइड स्टेशन का निर्माण होना है।
मोहन नगर से मेरठ तिराहे की ओर आगे बढ़ने पर दाहिने साइड अर्थला स्टेशन भवन का निर्माण हो रहा है जबकि बाएं साइड खाली पड़ी जमीन पर स्टेशन का निर्माण होना है। यहां एक हजार वर्गमीटर जमीन एक निजी कंपनी से जनवरी में खरीदी गई थी। जमीन पर 64 पेड़ लगे हैं।
डीएमआरसी ने फरवरी में इन पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए वन विभाग को आवेदन दिया था। डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने मंगलवार को अमर उजाला को बताया कि अब तक वन विभाग से पेड़ों को काटने की एनओसी नहीं मिली है। एनओसी मिलने के बाद स्टेशन का निर्माण शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एक स्टेशन के निर्माण में करीब दस महीने का समय लगता है। दिसंबर में मेट्रो को दौड़ाने के लक्ष्य को देखते हुए समय काफी कम है। ऐसे में यह संशय बन गया है कि कहीं यह स्टेशन प्रोजेक्ट को लेट न कर दे। उधर, डीएफओ ने बताया कि एनओसी देने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही एनओसी दे दी जाएगी।
सेल टैक्स विभाग की जमीन मिलने की अब भी उम्मीद
जीडीए ने अर्थला मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए करीब डेढ़ साल पहले सेल टैक्स विभाग से 2200 वर्गमीटर जमीन मांगी थी। यह मामला अब भी लखनऊ में लंबित है। विभाग ने जमीन देने से इंकार नहीं किया है, लेकिन मामले को लटकाए हुए है।
जीडीए अधिकारियों का कहना है कि अब सरकार बदलने के बाद यह जमीन मिलने की उम्मीद है। अगर जमीन मिल जाती है तो अर्थला मेट्रो स्टेशन पर बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी। जमीन नहीं मिलने पर अर्थला मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग नहीं बन सकेगी।
दो मेट्रो स्टेशन भवन तैयार
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा के बीच निर्माणाधीन आठ मेट्रो स्टेशनों में से राजेंद्रनगर और राजनगर एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन भवन बनकर तैयार हो गए हैं। यहां अब फिनिशिंग का काम ही बचा है। वहीं, शहीद नगर और राजबाग स्टेशनों पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है।
इन दिनों राजेंद्रनगर स्टेशन पर ट्रैक बिछाई जा रही है। अगस्त तक सभी स्टेशनों पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद बिजली और सिग्नल लगाने का काम शुरू किया जाएगा। कुल 695 गार्डर में से 605 गार्डर लगाए जा चुके हैं।
डीएमआरसी इस महीने जीडीए से मांगेगा 844 करोड़
जीडीए ने अब तक 640 करोड़ का भुगतान डीएमआरसी को किया है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जून 2014 में जीडीए ने एमओयू पर 1484 करोड़ रुपये भुगतान करने का करार किया था। इस हफ्ते जीडीए से शेष बची 844 करोड़ की राशि मांगी जाएगी। भुगतान में विलंब होने पर प्रोजेक्ट के लेट होने की आशंका