दिल्ली सरकार में तैनात अधिकारी आरके सारंगी की बेटी डॉ. हर्षा भारती ने पिता के आरोपों को सरासर झूठ बताते हुए कहा है कि वह पति अब्दुल रहमान के साथ ही रहेंगी। उनका कहना है कि पिता कह रहे हैं कि रहमान ने उन्हें जलाने की कोशिश की, जबकि हकीकत है कि उन्होंने जान बचाई है। पिता झूठी शान की खातिर यह सब कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि वह नहीं चाहते थे कि उनकी शादी दूसरे मजहब के युवक के साथ हो।
डॉ. हर्षा भारती ने बताया कि पति अब्दुल रहमान भी डॉक्टर हैं। हम दोनों नोएडा में बच्चे के साथ हंसी-खुशी रह रहे हैं। शादी के बाद उन्होंने न नाम बदला और न ही अपना धर्म। वह अपने रीति-रिवाज के साथ रहती हैं और पति को इस पर कोई एतराज नहीं। पिता ने शादी के दस्तावेज पर जो सवाल उठाए हैं, वो भी गलत है। अदालत में इसका जवाब दिया जाएगा। हमारे पास सभी वैध दस्तावेज हैं। रहमान पर लगे खौलते तेल से जलाने के आरोप पर हर्षा ने कहा कि वह हादसे में जल गई थी। तब रहमान ने उनकी जान बचाई थी। माता-पिता ने उसे फंसाने के लिए उनसे उसके खिलाफ जबरन एक प्रार्थना पत्र लिखवा लिया था।
यह था मामला
डॉ. हर्षा भारती ने मेरठ के मवाना निवासी अब्दुल रहमान से 2018 में प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से दोनों नोएडा में रह रहे हैं। पिछले दिनों डॉ. हर्षा के पिता ने नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि अब्दुल रहमान ने लव जेहाद के तहत साजिश रचकर हर्षा से शादी की है। एफआईआर में अब्दुल रहमान, वैदिक हिंदू सभा, गाजियाबाद (पता-छोटी बजरिया, रेलवे रोड) के पदाधिकारी, आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट (पता-खन्ना मार्केट तीस हजारी दिल्ली) के पदाधिकारी नामजद हैं।