इंदिरापुरम के एक गांव में पांच साल की मासूम की हत्या और रेप के मामले में पुलिस अब गैंगरेप की आशंका जता रही है। पुलिस ने घटना के ठीक पहले मुख्य आरोपी अफरोज के साथ बैठकर गांजे का नशा करने वाले एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार युवक ने अफरोज को बच्ची को अपने साथ ले जाते देखा था।
ऐसे में मामला गैंगरेप का हो सकता है। युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ जा रही है। वह बार बार अपना बयान बदल रहा है। इससे उस पर पुलिस का शक गहरा गया है। बीते शुक्रवार को गांव में रहने वाली पांच साल की मासूम दोपहर के समय लापता हो गई थी।
देर रात उसका शव घर के पास के ही एक निर्माणाधीन मकान की पहली मंजिल के कमरे की दुछत्ती पर मिला था। पुलिस ने पड़ोस में ही रहने वाले राज मिस्त्री का काम करने वाले अफरोज के खिलाफ हत्या और रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोपी के दूसरे समुदाय से होने के चलते इलाके में लोगों ने हंगामा किया था, जिसके बाद भारी फोर्स तैनात कर दी गई थी। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि जांच में सामने आया कि घटना से ठीक पहले आरोपी अफरोज पीड़ित परिवार के पड़ोस के निर्माणाधीन मकान में नींव खोद रहे एक युवक के साथ गांजा पी रहा था।
पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो उसने बताया कि अफरोज को बच्ची को अपने साथ घटनास्थल की ओर लेकर जाते उसने देखा था। जब उसने अफरोज को रोका तो आरोपी ने उसे धमका दिया। इसके बाद वह अपने घर चला गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि अफरोज को बच्ची को जबरन लेकर जाते देखने के बाद भी युवक ने पुलिस और उसके परिजनों को कुछ नहीं बताया। इतना ही नहीं घटना के दो दिन बाद भी वह पुलिस के सामने नहीं आया। अब लगातार बयान बदल रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मुख्य आरोपी अफरोज के पकड़े जाने के बाद ही उसकी संलिप्तता का पता चल सकेगा। पुलिस की थ्योरी के अनुसार अफरोज अकेले बच्ची के शव को दुछत्ती पर नहीं छिपा सकता। सीओ इंदिरापुरम ने बताया कि आरोपी ने लकड़ी की सीढ़ी लगाकर शव को ऊपर पहुंचाया।
सीढ़ी पर अगर वह बच्ची को लेकर अकेले चढ़ता तो सीढ़ी का फिसलना तय था। ऐसे में हो सकता है कि दूसरे आरोपी ने सीढ़ी पकड़ी हो, तब वह ऊपर चढ़ा हो। इसके अलावा अफरोज और दूसरा युवक साथ ही गांजा पी रहे थे। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि नशे की हालत में दोनों ने साथ ही घटना को अंजाम दिया हो।
बोले परिजन-पैसा नहीं इंसाफ चाहिए साहब
उधर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी दीपक कुमार पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद डीएम ने परिवार से उनका बैंक खाता संख्या पूछी तो परिवार ने इंकार कर दिया।
मृतका के माता-पिता ने कहा कि उन्हें पैसा नहीं, इंसाफ चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपी को पकड़कर फांसी पर लटकाओ, यही सबसे बड़ा मुआवजा होगा। इस दौरान परिवार ने डीएम से उनका मोबाइल नंबर लिया। पिता ने अफसरों से कहा कि उन्हें कोई परेशानी होगी तो वे जरूर बताएंगे। इसके बाद डीएम-एसएसपी लौट गए।
सुबह गांव से हटाई गई पुलिस फोर्स, बिहार के लिए एक और पुलिस टीम रवाना गांव में शांति को देखते हुए सुबह यहां से पुलिसबल हटा लिया गया। दोपहर तक शांति का माहौल रहा। हालांकि शाम को हंगामे की आशंका के चलते वहां एक बार फिर पुलिसबल तैनात किया गया।
उधर, दोपहर बाद अफरोज की तलाश में पुलिस की एक और टीम को बिहार रवाना कर दिया गया। सीओ ने बताया कि जल्द ही आरोपी उनकी गिरफ्त में होगा।