नौरसपुर गांव में पांच दिन पूर्व प्रधान पिता व भाजपा कार्यकर्ता ब्रिजेश्वर त्यागी की हुई हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए गांव के लोग सोमवार सुबह दिल्ली-सहारानपुर रोड पर उतर आए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दिल्ली-सहारनपुर रोड जाम कर दिया।
हंगामा बढ़ता देख भारी पुलिसबल-पीएसी और आरएएफ के जवान मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इस दौरान करीब तीन घंटे लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दोपहर को मौके पर पहुंचे एसएसपी ने मंडोला चौकी इंचार्ज समेत 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
वहीं ट्रॉनिका थाना इंचार्ज बीआर जैदी को क्राइम ब्रांच और एसएसआई गजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। नौरसपुर गांव में बीते 30 मार्च को ब्रिजेश्वर त्यागी पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग की थी। एक गोली उनके कूल्हे में लगी थी।
देर रात उपचार के दौरान उनकी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले को भूमि विवाद से जुड़ा बताया था। परिजनों ने गांव के ही दीपक समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पांच दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
सोमवार सुबह नौ बजे गुस्साए परिवार और गांव के पुरुष और महिलाएं प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-सहारनपुर रोड पर बैठ गए। सूचना पाकर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलवाने की मांग पर अड़े रहे।
जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। लोगों ने उनकी एक न मानी और लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे। उसी दौरान विधायक नंद किशोर गुर्जर के वहां पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने उनके और प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की।
बाद में एसडीएम प्रेमरंजन सिंह, सीओ श्रीकांत प्रजापति ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वस्त किया कि 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
सीओ के अनुसार क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। सुबह नौ बजे से लगा जाम आश्वासन के बाद करीब 12 बजे खुल सका। तीन घंटे लगे जाम से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। तेज गर्मी के चलते बस के यात्री पेड़ों के नीचे बैठे गए।
तो कुछ अपना सामान लेकर पैदल अपनी मंजिल की ओर जाते दिखाई दिए। मंडोला गांव के पास से शुरू हुआ जाम करीब चार किलोमीटर तक फैल गया। इस दौरान कई एंबुलेंस और स्कूल बस भी इनमें फंसी, जिन्हें पुलिस ने आवास विकास परिषद की मंडोला योजना के अंदर से निकाला।
भाजपा के वरिष्ठ नेता पर जाम लगवाने का आरोप
लोगों ने प्रदेश सरकार और भाजपा विधायक के खिलाफ ही जमकर नारेबाजी की। ऐसे में चर्चा जोरों पर रही है कि भाजपा के एक जिला पदाधिकारी ने ही जाम लगवाकर नारेबाजी करवाई। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष वसंत त्यागी भी मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उनकी भी नहीं सुनी।
मंडोला पुलिस चौकी इंचार्ज समेत पांच कांस्टेबल सस्पेंड
दोपहर बाद एसएसपी दीपक कुमार लोनी पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के चलते मंडोला पुलिस चौकी इंचार्ज अमित मलिक और पांच कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने बताया कि घटना के बाद लगातार चौकी इंचार्ज पर लापरवाही का आरोप लग रहा है।
इसी के चलते यह कार्रवाई की गई है।