वैभव खंड से वसुंधरा सेक्टर-15 तक तकरीबन छह किलोमीटर की दूरी और 20 मिनट तक बदमाशों को छकाते हुए बृहस्पतिवार देर रात रीयल एस्टेट कारोबारी ने अपनी लग्जरी कार लुटने से बचा ली। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी भी की, मगर बदमाश एनएच-24 पर आकर भागने में कामयाब हो गए।
इंदिरापुरम के अहिंसा खंड-1 स्थित ऑरेंज काउंटी सोसायटी निवासी विकास साहनी नोएडा में रीयल एस्टेट का काम करते हैं। विकास मीडिया चैनल के अधिकारी प्रवीन साहनी के भाई और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी बताए जाते हैं।
बृहस्पतिवार देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे अपने एक दोस्त के साथ नोएडा से जगुआर कार में वसुंधरा सेक्टर-10 स्थित प्रवीन के घर लौट रहे थे। वैभव खंड स्थित गौड़ ग्रेविटी मॉल के पास उनके मोबाइल पर दोस्त की कॉल आ गई। वह कार धीमी चलाते हुए फोन पर बात करने लगे। तभी पीछे से एक स्विफ्ट कार आई और कार में आगे बैठे युवक ने उनसे वसुंधरा का रास्ता पूछा।
उन्होंने इशारे में रास्ता बताया ही था कि पीछे बैठे तीन युवकों में से एक पिस्टल लेकर कार से नीचे उतरने लगा। यह देख विकास ने कार तेज गति से दौड़ा दी। बदमाश कार से उनका पीछा करने लगे। विकास वसुंधरा आ गए।
तभी अटल चौक के पास उन्हें बदमाशों की कार आती दिखाई दी तो उन्होंने फिर कार थाने की तरफ दौड़ा ली। इसी दौरान सामने से पीसीआर वैन-38 आती दिखाई दी। विकास ने तुरंत पीसीआर को बदमाशों के बारे में बताया तो पीसीआर ने बदमाशों का पीछा शुरू किया। बदमाश यूपी गेट की ओर भागने लगे। यूपी गेट पर बदमाश पुलिस को छकाते हुए अभय खंड की ओर भाग निकले।
इंदिरापुरम से वसुंधरा तक नहीं दिखी पुलिस
विकास ने बताया कि करीब छह किलोमीटर तक वह कार भगाते रहे, मगर उन्हें रास्ते में एक भी पीसीआर वैन या लैपर्ड दिखाई नहीं दी। हालांकि पीसीआर-38 ने तुरंत बदमाशों का पीछा किया।
जब विकास ने कोई भी पीसीआर क्षेत्र में नहीं होने के बारे में पूछा तो एक पुलिसकर्मी ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी होने के चलते सभी पीसीआर व्यस्त हैं। पीसीआर नहीं होने के चलते बदमाशों की इंदिरापुरम की ओर घेराबंदी नहीं हो सकी।
रीयल एस्टेट कारोबारी पर हो सकती है हमले की साजिश
विकास ने बताया कि लूट के अलावा यह भी हो सकता है कि बदमाशों को किसी ने उनकी सुपारी दी हो। बदमाशों के पास हथियार थे। ऐसे में, वह उन पर हमला भी कर सकते थे। उधर, कारोबारी विकास और उनके भाई प्रवीन के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ भी पारिवारिक संबंध हैं। शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचना भी तय है।