मेरठ जोन पुलिस के साइबर एक्सपर्ट कर्मवीर सिंह ने बताया कि अगर फेसबुक की तरफ से कोई लिंक आता है तो उसे क्लिक करने पर एम-फेसबुक पर पासवर्ड मांगा जाता है। एम-फेसबुक की जगह किसी और प्लेटफार्म पर आईडी-पासवर्ड मांगा जाता है तो इससे जाहिर की साइबर अपराधियों ने अकाउंट को अपनी साइट पर ले लिया है।
ई-मेल के जरिये मोबाइल का डाटा हथिया सकते हैं अपराधी
कर्मवीर सिंह का कहना है कि अधिकांश लोग अपने फेसबुक और ईमेल अकाउंट का पासवर्ड एक ही रखते हैं। साइबर अपराधी इसका फायदा उठाकर ईमेल की लॉगिन अपने हाथ में ले सकता हैं। ईमेल के जरिये ही मोबाइल संचालित होता है। उसके जरिये मोबाइल में मौजूद डाटा चुराकर उसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
ऐसे बचें......
- अनावश्यक लिंक को क्लिक करने से बचें।
- अगर एम-फेसबुक पर लिंक नहीं खुलता है तो उसमें यूजरनेम और पासवर्ड न डालें।
- ईमेल, फेसबुक व अन्य सोशल अकाउंट्स का पासवर्ड अलग-अलग और मजबूत रखें।
- अकाउंटेस में टे-स्टेप सिक्योरिटी रखें और कोड जनरेटर का विकल्प खुला रखें।
लिंक भेजकर फेसबुक अकाउंट हैक करने की शिकायत मिली है। फेसबुक को मेल भेजकर लिंक जनरेटर की जानकारी मांगी जाएगी। अकाउंट हैक करने के पीछे साइबर अपराधियों की क्या मंशा हो सकती है, इसका पता लगाया जा रहा है।- सुमित कुमार, साइबर सेल प्रभारी