बागराणप गांव में दो हजार रुपये के लिए दबंगों ने श्रमिक की गोली मार कर हत्या कर दी। इससे नाराज परिजनों- गांववालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए गाजियाबाद रोड पर शव रख कर जाम लगा दिया। पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ा तो कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
हत्या के मामले में सात नामजद समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।मूल रूप से बागपत निवासी नाबूदीन (45) भट्टे पर ईंट पाथने का काम करते थे। उन्होंने गांव निवासी दो सगे भाइयों भोलू और काला से दो हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे नहीं लौटा पाने की वजह से दोनों के बीच कई बार कहासुनी हो चुकी थी।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे नाबूदीन दुकान से सामान लेकर घर लौट रहे थे, तभी दोनो भाई वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान एक भाई ने तमंचा और दूसरे ने पिस्तौल निकाल ली। नाबूदीन की कनपटी पर तमंचा और पिस्तौल रख दिए। पिस्तौल चलाने पर गोली मिस हो गई, जिस पर दूसरे भाई ने तमंचे से गोली मार दी।
नाबूदीन लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और दोनों आरोपी फरार हो गए। घायल नाबूदीन को परिजन दिल्ली के जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।इस दौरान कुछ लोग आरोपियों के घर पर पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें हंगामा करने से रोक दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे नाबूदीन का शव घर लाया गया तो लोग आग बबूला हो गए। परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग शव को गाजियाबाद रोड पर ले गए और सड़क पर शव रख कर जाम लगा दिया। पुलिस के काफी समझाने पर भी लोगों नेे शव को नहीं हटाया।
इस पर पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ा, तो कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति काबू की।इस संबंध में सीओ अनिल यादव ने बताया कि नाबूदीन की पत्नी जमीला ने हत्या के आरोप में भोलू, काला, धर्मेंद्र, अर्जुन, शेट्टी, कमल, बंटी और दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नाबूदीन की मौत से उनके बेटी गुलजा, अन्नू, सोनी और बेटे गुलजार का रो-रो कर बुरा हाल है।नाबूदीन ने भोलू और काला के परिजनों से पांच वर्ष पहले 50 वर्ग गज का प्लाट साढ़े चार लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन रजिस्ट्री के समय नाबूदीन से दोनों भाइयों ने 50 हजार रुपये की मांग की, जिस कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
इसके बाद से दोनों पक्षों के विवाद चल रहा था। छह महीने पहले दोनों पक्षों की प्रापर्टी विवाद को लेकर पंचायत भी हुई थी, जहां सामने आया था कि नाबूदीन ने दो हजार रुपये उधार भी लिए हैं।