नोटबंदी के फैसले के खिलाफ सोमवार को हुए प्रदर्शन में कांग्रेसी पुलिस वालों से भिड़ गए। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस से हुई नोकझोंक व धक्का-मुक्की से कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। इस पर पुलिस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने व सरकारी काम में बाधा डालने पर 250 अज्ञात कांग्रेसियों पर एफआईआर दर्ज की है।
दूसरी ओर जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया।एसएसआई अतहर खान ने बताया कि कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने आए कांग्रेसियों ने अचानक प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
उन्हें शांत करा रहे पुलिसकर्मियों से कुछ कांग्रेसी अचानक भिड़ गए। कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इससे पहले पुराना बस अड्डा स्थित एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने बैंकों में लाइन में लगने के दौरान मरने वाले व्यक्तियों व बॉर्डर पर शहीद हुए सैनिकों के लिए दो मिनट का मौन रखा।
फिर कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला। कलक्ट्रेट पहुंचकर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रपति और महानगर कमेटी ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा।कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना ने कहा कि जल्दबाजी में लिए गए नोटबंदी के फैसले से आम आदमी, किसान और व्यापारी परेशान है।
महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल, नसीब पठान, पूर्व मंत्री दीपक कुमार, मुगेस जिलानी, विजेंद्र यादव, राजाराम भारती, लालमन सिंह, सूरजपाल वाल्मीकि, महिला मोर्चा अध्यक्ष पूजा चड्ढा,
मीडिया प्रभारी प्रेम प्रकाश चिनी, मुन्नेंद्र कुमार, सुनील चौधरी, आशिफ सैफी, माया देवी, उमेश त्यागी, राधाकृष्ण, संजय शर्मा, जितेंद्र टॉक, कमला देवी, राजेश शर्मा, सोनू गुर्जर सहित आदि कांग्रेसी मौजूद रहे।