देशभर में कमीशन लेकर पुराने नोट बदलने के मामले में बैंक अधिकारियों और हवाला कारोबारियों की धरपकड़ की जा रही है, इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव का नाम भी जुड़ गया है। एक निजी चैनल की ओर से किए गए स्टिंग में उन पर 30 फीसदी का कमीशन लेकर पुराने नोट बदलवाने का आरोप लगा है।
माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बहरहाल, पार्टी की ओर से उन्हें निकाले जाने कारण पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिफ्ट होना बताया जा रहा है। इसके साथ ही प्रेमचंद्र भारती को नया जिलाध्यक्ष बना दिया गया है।
स्टिंग में दावा किया जा रहा है कि बसपा जिलाध्यक्ष ने कमीशन लेकर कई लोगों से पुराने नोटों को नए नोटों में बदलाने की डील की है। कमीशन करोड़ों में बताया जा रहा है। स्टिंग सार्वजनिक होने के साथ ही बसपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र जाटव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है
लेकिन पार्टी की जिला इकाई से सभी पदाधिकारियों ने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। न तो कोई कमीशन लेकर नोट बदलवाए जाने की वजह से हुई कार्रवाई पर बोल रह है, न ही कोई पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में ही बता पा रहा है, जो औपचारिक तौर पर जिलाध्यक्ष को निष्कासित करने की वजह बताई जा रही है।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण जिलाध्यक्ष विरेंद्र जाटव को पार्टी से निकाल दिया गया है और प्रेमचंद भारती को गाजियाबाद का जिलाध्यक्ष बना दिया गया है। गौरतलब है कि प्रेमचंद भारती को दोबारा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती से विरेंद्र यादव को पार्टी से निकाले जाने की वजह पता होने से इंकार किया, उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ इतना ही पता है कि वे जिलाध्यक्ष बना दिए गए हैं।
- जांच करा लें, दोषी निकलूं तो फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं : विरेंद्र जाटव
कमीशन लेकर नोट बदलवाने के आरोपों पर पार्टी से निष्कासित जिलाध्यक्ष विरेंद्र जाटव ने कहा कि जांच करा लें, अगर दोषी निकलूं तो फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि कमीशन लेकर नोट बदलवाने के आरोप निराधार है, उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
वह कार्यालय के कमरे में सिर्फ मौजूद हैं, नोट बदलवाने के विषय में उनकी कहीं से कहीं तक लिप्तता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार से हैं, यहां तक कि उनका बैंक एकाउंट भी चार वर्ष बंद है। बेटी की स्कूल फीस भी बाकी हैं। अगर कमीशन लेकर नोट बदलवाने की बात सच होती तो ये हालत नहीं होते।
उनके खिलाफ साजिश की गई। इस मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर अपना पक्ष रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह बहन जी के सिपाही हैं और उन्हें उन पर पूरा भरोसा है। उनका जो आदेश होगा करेंगे। साजिश में शामिल लोगों के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी हो सकता है।
दूसरे दलों की भी साजिश हो सकती है। पहले कार्यकर्ता के तौर पर फिर जिलाध्यक्ष बनने के बाद से गाजियाबाद में पार्टी का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा था, हो सकता है कि ऐसे में कुछ लोग उनसे बैर रखते हों।