मशीन ऑपरेटर दीपक की हत्या उसके तीन दोस्तों ने ही बाइक, लैपटॉप और कैश लूटने के लिए की थी। सिहानी गेट पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। आरोपियों से दीपक की बाइक, जूते, टाई और पहचान पत्र बरामद हुए हैं।
पकड़े गए हत्यारोपी दुर्योधन निवासी मोतिहारी बिहार, मुन्ना लाल निवासी गजरौला अमरोहा और बिट्टू उर्फ अंकुर निवासी खड़खड़ी, हापुड़ हैं। तीनों आरोपी बनवारी नगर में किराए के मकान में रहते हैं।
बिट्टू और मुन्ना मेरठ रोड स्थित शिव डिफेंस टूल वर्क्स फैक्ट्री परिसर में मशीन ऑपरेटर हैं जबकि दुर्योधन ताला-चाभी बनाने का काम करता है और फैक्ट्री के पास ही उसका खोखा है। दीपक मशीन आपरेटर के अलावा सिक्योर लाइफ कंपनी में जॉब भी करता था।
मूलरूप से हरदोई के मंसाखेड़ा निवासी दीपक सुभाष नगर, नई बस्ती में बडे़ भाई पंकज के साथ किराए के मकान में रहता था। एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि तीनों आरोपी उसकी हत्या कर बाइक, लैपटॉप और कैश लूटना चाहते थे।
प्लानिंग के तहत 19 मई को बिट्टूू ने उसे सिक्योर लाइफ की पॉलिसी समझने के बहाने फैक्ट्री में बुलाया था। दीपक उन्हें प्लान समझाने लगा। इसी दौरान टाई से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद बाइक पर शव लाकर वह तीन किलोमीटर दूर लोहियानगर में रेलवे ट्रैक किनारे फेंक गए।
कॉल डिटेल के आधार पर तीनों की भूमिका संदिग्ध लगी, बृहस्पतिवार सुबह उन्हें दीपक की बाइक पर घूमते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया और बताया कि पकडे़ जाने के डर से दीपक का मोबाइल और लैपटॉप तालाब में फेंक दिया है। बता दें कि 20 मई को दीपक की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली थी, परिजनों ने हत्या का अंदेशा जताकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बदलना चाहते थे लाइफ स्टाइल
पुलिस ने बताया तीनों आरोपी दीपक की लाइफ स्टाइल से प्रभावित थे और उसकी तरह जीवन जीना चाहते थे, इसलिए उसका मर्डर कर कैश, बाइक समेत अन्य सामान लूटने की योजना बनाई।
तीनों आरोपी मर्डर को रेल हादसा बनाने की प्लानिंग कर चुके थे, इसलिए शव को करीब 20 मीटर तक घसीटा। उस दौरान रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति आ गया तो आरोपी झाड़ी में ही शव छिपाकर भाग गए।
सपनों में आता है दीपक, पूछता है क्यों मारा
एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम ने बताया कि पूछताछ में बिट्टू ने बताया कि ‘दीपक मेरे सपनों में आता है। वह मुझसे पूछता है कि मुझे क्यों मारा, सामान लूटने के बजाय मांग लेते। मुझे परिवार से जुदा क्यों किया।’
बिट्टू ने बताया कि पीछे से दीपक का गला घोंटा गया था, वह इस दौरान चिल्ला रहा था कि ‘मुझे बचालो बिट्टू भैया।’