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सरकारी जमीन पर बने मकानों को नियमित करेगा निगम

Sun, 26 Mar 2017 12:41 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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मकान - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी जमीनों पर बने मकानों को तोड़ने की बजाय नगर निगम इनके मालिकों को राहत देने के मूड में है। नगर निगम नई पालिसी तैयार करके ऐसे मकान मालिकों से जमीन की कीमत वसूलने की तैयारी कर रहा है। जमीन की कीमत डीएम सर्किल रेट के आधार पर वसूली जाएगी।
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पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में जारी हुए दो शासनादेश का हवाला देकर नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब बोर्ड में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।हिंडन विहार, न्यू हिंडन विहार, राहुल विहार, बागू, क्रिश्चियन नगर, डूंडाहेड़ा, सुदामापुरी समेत कई कालोनियां ऐसी हैं

जहां भूमाफियाओं ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन बेच दी है। लोगों ने दशकों पहले इन जमीनों पर मकान बना भी लिए हैं। ऐसे में लोगों को बेघर करने की बजाय बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। नगर निगम शहर में ऐसी कालोनियों का सर्वे कराकर सरकारी जमीन पर बने मकानों को चिह्नित करेगा।
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जो जमीन खाली होने की स्थिति में होगी उसे खाली कराकर निगम अपने कब्जे में लेगा लेकिन ऐसी जमीन जिस पर से कब्जा हटा पाना संभव नहीं होगा, उसके मालिकों को डीएम सर्किल रेट के हिसाब से निगम में पैसा जमा कराकर मकानों को रेग्यूलर कराने का विकल्प दिया जाएगा।

शनिवार को नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निगम की इस पहल से नगर निगम को अरबों रुपयों की आमदनी हो सकती है।नगर निगम इस योजना का लाभ ऐसे लोगों को देगा, जिनके मकान काफी पुराने बने हैं। हाल फिलहाल में कब्जा कर बनाए गए मकानों या अन्य निर्माण को रेग्यूलर नहीं किया जाएगा।

45 हजार नई प्रॉपर्टी चिह्नित कर भी आमदनी नहीं बढ़ा पाए अफसर
नगर निगम अफसरों ने इस साल 45 हजार नई प्रॉपर्टियों को चिह्नित कर टैक्स के दायरे में लाने का दावा कर अपनी पीठ खुद थपथपाई थी लेकिन बजट के आंकड़ों ने उनकी पोल खोल दी। नई संपत्तियों पर टैक्स लगाने के बावजूद निगम अधिकारी टैक्स से होने वाली आमदनी को न बढ़ा सके।

बजट के आंकड़ों के मुताबिक साल 2015-16 में नगर निगम ने गृहकर से 43.57 करोड़ रुपये की आमदनी की थी तो इस बार फरवरी महीने तक सिर्फ 30.73 करोड़ रुपये वसूली कर पाए। यह हाल तब है जब पांच फीसदी टैक्स की दर भी बढ़ाई गई है और नई सपंत्ति भी चिह्नित की गई है।

बीते साल निगम ने सभी कर मिलाकर 72.811 करोड़ रुपये कमाए थे तो वहीं इस बार अभी तक 64.51 करोड़ रुपये की आमदनी कर पाया है। नगर निगम शहर में 10 ओपन जिम बनाएगा। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए नगर निगम इन ओपन जिम का निर्माण करेगा। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

बड़े पार्कों में बनाए जाने वाले इन ओपन जिम में बहुत ही कम पैसा देकर लोग एक्सरसाइज कर सकेंगे। महापौर का कहना है कि उद्यान विभाग क्षेत्रफल में सबसे बड़े 10 पार्कों को चिह्नित करेगा और इनमें ओपन जिम बनाकर एक्सरसाइज के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी।
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पहले चरण में 10 ओपन जिम चालू करने के बाद इनका उपयोग सही रहा तो अन्य पार्कों में भी ओपन जिम बनाए जाएंगे।

कार्यकारिणी बैठक में पास किए गए अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
- कामर्शियल कांप्लेक्स को एक मुश्त किसी बड़ी कंपनी को लीज पर दिया जाएगा
- व्यापारियों के सुझाव पर कांप्लेक्स के डिजाइन में किए जाएंगे बदलाव

- नेहरू नगर स्वीमिंग पूल की दोबारा होगी नीलामी
- पुलिस और गुंडे नहीं चलाएंगे निगम की पार्किंग, निगम करेगा निगरानी

- अवस्थापना फंड में ज्यादा हिस्सेदारी के लिए पैरवी करेगा निगम
- 4जी मोबाइल नेटवर्क कंपनी से बकाया पैसा लेने के लिए कसा जाएगा शिकंजा

- आईजीएल कंपनी ने नहीं दिए 17 करोड़, आरसी जारी करेगा निगम
- हर जोन में सड़कों का रजिस्टर बनाएगा निगम, काम का

- राजेंद्र नगर तरणताल में नहीं कर पाएंगे शादी-समारोह की बुकिंग
- पार्षदों की संस्तुति पर 1-1 लाख के एजेंसी वर्क होंगे

- 15 से 20 फीसदी कार्यों का सत्यापन करेंगे अफसर
- टीएचए और सीएचए में गोबर बैंक व डेयरी फार्म बनाएगा निगम

- सफाई के लिए नियमावली लागू करेगा निगम, एक सप्ताह में होगा प्रकाशन
- सफाई कर्मचारी को किया जाएगा ट्रेंड, कूड़ा नहीं जलाएंगे

- बंगलूरू-चेन्नई की तर्ज पर पार्कों में होगा जीरो वेस्ट मैनेजमेंट
- वेस्ट से कंपोस्ट खाद बनाने के लिए खरीदी जाएंगी विदेशी मशीनें

- वार्ड कोटे का 25 फीसदी फंड पार्कों के सौंदर्यीकरण पर होगा खर्च
- एलईडी लाइट लगने पर पुराना सामान गांवों में दिया जाएगा दान

- फर्जीवाड़ा रोकने को सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग करने वालों की क्रास जांच करेगा निगम
- खराब हैंडपंप और नलकूपों की लिस्ट तैयार करेंगे निगम अफसर

- शासकीय अनुदान से होने वाले विकास कार्यों की लिस्ट पार्षदों को देंगे अफसर
- फैक्ट्रियों से मिलने वाला संपत्ति कर का 60 फीसदी हिस्सा औद्यागिक क्षेत्रों में होगा खर्च

- यूनिपोल लगाने वाली फर्मों को 30 फीसदी हिस्सा निगम के विज्ञापनों को देना होगा
- हर जोन में सुबह 10 से 12 बजे तक बैठेंगे जेई और सफाई इंस्पेक्टर्स

- नगर निगम में 10 से 1 बजे तक तय होंगे विजिटिंग आवर्स
- प्रॉपर्टी का जीआईएस सर्वे कराएगा निगम

- सड़क बनाने वाले ठेकेदार को देनी होगी तीन साल की गारंटी
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