एडिशनल कमिश्नर से लेकर सीटीओ के सीयूजी नंबर ज्यादातर रहते हैं नॉट रीचिबल
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वाणिज्यकर कमिश्नर की ओर से व्यापारियों और अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सीयूजी नंबर चालू रखने के आदेशों को विभागीय अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। वाणिज्यकर विभाग में एडिशनल कमिश्नर से लेकर कॉमर्शियल टैक्स ऑफीसर (सीटीओ) तक के सीयूजी नंबर नहीं उठते हैं।
ऑफिस के वक्त अधिकांश अधिकारियों के सीयूजी नंबर ज्यादातर नॉट रीचिबल रहते हैं। शाम होते ही सीयूजी नंबर स्विच ऑफ हो जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों से संपर्क नहीं होने के साथ समस्याओं का निदान नहीं होने के चलते व्यापारी और टैक्स अधिवक्ता लामबंद होने लगे हैं।
अधिकारियों के कमरों में लगें लैंडलाइन नंबर
फेडरेशन ऑफ ऑल टैक्स बार एसोसिएशन के प्रवक्ता जावेद खान सैफ ने बताया कि एडिशनल कमिश्नर, ज्वॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर और सीटीओ के अधिकांश सीयूजी नंबर मिलते हीं नहीं हैं। दिन में कई बार कोशिश करने पर भी सीयूजी नंबर नॉट रीचिबल या फिर बंद आते हैं।
जबकि वाणिज्यकर कमिश्नर ने सीयूजी नंबर 24 घंटे चालू रखने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा कि सीयूजी नंबर के साथ सभी अधिकारियों के ऑफिस में एक लैंडलाइन नंबर होना चाहिए। जिससे अधिकारियों की कार्यालय में उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ अधिवक्ताओं और व्यापारियों की दिक्कतों का समय पर समाधान हो सके।
सीयूजी नंबर की लिस्ट होगी अपडेट
वाणिज्यकर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन आरबी चौधरी ने बताया कि अधिकारियों के सीयूजी नंबरों की लिस्ट अपडेट कराकर नई लिस्ट जल्द जारी की जाएगी। सुनिश्चित किया जाएगा कि सीयूजी नंबर पर भी व्यापारियों और अधिवक्ताओं की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान निकाला जाए।