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Ghaziabad News: शहर पानी-पानी…मुसीबत सिर तक, व्यवस्था घुटनों पर

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गाजियाबाद। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने मानसून को लेकर तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। कहीं निर्माणाधीन 32 मंजिला इमारत के पास सड़क धंस गई तो कहीं कॉलोनियां, सड़कें, बाजार और बेसमेंट पानी में डूब गए। सरकारी कार्यालय और संस्थान भी जलजमाव से अछूते नहीं रहे। कई बिजलीघरों में जलभराव होने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए भी जूझना पड़ा। प्रमुख मार्गों पर जलभराव व जाम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बारिश थमने के कई घंटे बाद भी कई इलाकों से पानी नहीं निकल सका। इससे मानसून की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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सबसे गंभीर घटना वसुंधरा सेक्टर-13 में हुई, जहां निर्माणाधीन 32 मंजिला इमारत के पास लगातार बारिश के बीच सड़क धंस गई। हादसे में स्थानीय निवासी पुष्पेंद्र सिंह की कार और अजय अग्रवाल की स्कूटी करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गई। पास लगा बिजली का पोल भी करीब 10 फीट तक जमीन में धंस गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजबूत रिटेनिंग वॉल और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से बारिश में मिट्टी खिसकी और सड़क बैठ गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन से दोनों वाहनों को बाहर निकाला गया। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र की बिजली भी कुछ समय के लिए बंद करनी पड़ी। पुलिस के अनुसार हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
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मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार को रुक-रुककर जारी रही और बृहस्पतिवार को भी तेज वर्षा होती रही। लगातार बारिश से नाले और नालियां उफन गईं। राजनगर, शास्त्रीनगर, कविनगर, नेहरूनगर समेत कई प्रमुख इलाकों में एक फीट से अधिक पानी भर गया, जबकि मेरठ रोड के कई हिस्सों में डेढ़ फीट तक जलभराव रहा। बारिश थमने के तीन घंटे बाद भी पानी नहीं निकल सका। बाद में नगर निगम ने पंपसेट लगाकर पानी निकालने का अभियान शुरू किया, लेकिन रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण राहत सीमित रही।
सबसे खराब स्थिति नंदग्राम क्षेत्र में रही। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक डेढ़ से दो फीट पानी भर गया। इससे लोग घरों से निकलने तक में असमर्थ रहे।

सरकारी दफ्तरों में भी घुसा पानी
कचहरी परिसर में करीब एक फीट जलभराव होने से वकीलों, वादियों और अन्य लोगों को पूरे दिन परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भी जलभराव हो गया। इससे आने-जाने वाले लोग परेशान रहे। स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। नंदग्राम स्थित राजकीय पुस्तकालय में पानी घुसने से पढ़ने पहुंचे विद्यार्थियों को वापस लौटना पड़ा।

हम-तुम रोड पर कीचड़ और गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
पहले से बदहाल हम-तुम रोड बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया। सड़क पर फैली मिट्टी और गहरे गड्ढों के कारण हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। कई दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर घायल हुए, जबकि चारपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाली और सरकारी अनदेखी को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत भेजी है। जिन इलाकों में निर्माण कार्य जारी है, वहां भी बारिश के बाद लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।

सोसायटियों के बेसमेंट में घुसा पानी
बारिश ने शहर की कई आवासीय सोसायटियों की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। बड़ी संख्या में सोसायटियों के बेसमेंट जलमग्न हो गए, जिससे वहां खड़े वाहन और रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। कई स्थानों पर डीजी सेट बंद करने पड़े और तकनीकी खराबियां भी सामने आईं। सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रैंड, एनएच-9 स्थित महागुनपुरम, गोल्फ लिंक सोसायटी, राजनगर एक्सटेंशन की मोती रेजीडेंसी, महक जीवन, सेवी विला डे, गोविंदपुरम की पंचशील प्रीमरोज तथा क्रॉसिंग रिपब्लिक की अधिकांश सोसायटियों के बेसमेंट में पानी भर गया। स्थानीय निवासी सुमित ने बताया कि नालों की सफाई नहीं होने से पानी ओवरफ्लो होकर बेसमेंट में पहुंच गया। लोगों के विरोध के बाद दोपहर में पंप लगाकर पानी निकाला गया, हालांकि दोबारा बारिश होने से फिर जलभराव की आशंका बनी रही।

बारिश से कई जगह हुआ नुकसान
मधुबन-बापूधाम स्थित प्राधिकरण की कांशीराम आवास योजना के कई फ्लैटों के छज्जे और प्लास्टर बारिश के दौरान टूटकर गिर गए। स्थानीय निवासी संजीव शर्मा ने बताया कि फ्लैटों का निर्माण हुए करीब 15 वर्ष ही हुए हैं, जबकि उनकी आयु 100 वर्ष बताई गई थी। मौजूदा स्थिति निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। उधर, पंचशील वेलिंगटन सोसायटी की चहारदीवारी भी बारिश के दौरान ढह गई। इससे आसपास लगे पेड़-पौधों और दीवार के पास खड़े कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय निवासी अनिल शर्मा ने बताया कि इससे सोसायटी की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

दोपहर तक जाम से जूझते रहे लोग
बारिश के कारण दिल्ली-मेरठ हाईवे पर कई स्थानों पर जलभराव और गड्ढे बन गए, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया। लोगों को जाम से निकलने में डेढ़ से दो घंटे तक का समय लगा। जीटी रोड और आंबेडकर रोड पर भी जलभराव के कारण वाहन रेंगते रहे। गुजरते वाहनों से उछलते पानी और कीचड़ से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई तथा कई स्थानों पर कहासुनी भी हुई।

निर्माण कार्यों पर लगा ब्रेक
नगर निगम की ओर से शहर के 100 से अधिक स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्य लगातार बारिश के कारण ठप हो गए हैं। कई जगह नालों का निर्माण भी प्रभावित हुआ है। कार्यदायी संस्थाएं अब मौसम साफ होने का इंतजार कर रही हैं। बारिश के चलते नालों की सफाई का कार्य भी रोकना पड़ा है।

शहर में औसत से अधिक करीब 200 मिमी बारिश होने के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हुआ। जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां भी परेशानी बढ़ी है। हालांकि, उनका कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जलभराव की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही है।
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-मिथलेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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