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Ghaziabad News: 16 घंटे कार्रवाई के बाद दस्तावेज साथ ले गई सीबीआई

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बुलंदशहर। नगर स्थित प्रधान डाकघर में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच के लिए पहुंची सीबीआई की टीम करीब 16 घंटे तक जांच के बाद कुछ दस्तावेजों को साथ ले गई। बताया जा रहा है कि बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे टीम दो गाड़ियों में सवार होकर रवाना हो गई। वहीं डाकघर के अधीक्षक द्वारा आत्महत्या करने के बाद पूरे दिन डाकघर के कर्मचारियों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था।
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नगर के अंसारी रोड स्थित प्रधान डाकघर के पूर्व फील्ड ऑफिसर बनवारी लाल व अन्य कर्मचारियों ने डाक अधीक्षक टीपी सिंह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने सीबीआई से शिकायत की थी। बनवारी लाल का आरोप था कि मार्च 2022 में सेवानिवृत्त होने से पहले उनके करीब 2.16 लाख रुपये के बिल पास नहीं किए गए। आरोप लगाया था बिल पास करने के नाम पर आधी धनराशि मांगी जा रही थी। इसी प्रकार से करीब आठ कर्मचारियों का पांच लाख रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया गया था। शिकायत के आधार पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सीबीआई की टीम डाकघर पहुंची और दस्तावेजों की जांच करने के साथ ही शिकायतकर्ता और कई अधिकारियों से पूछताछ की। टीम ने बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जांच पूरी करने के बाद मौके से कुछ दस्तावेजों की कॉपी ली और कार्यालय के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाक अधीक्षक ने अलीगढ़ स्थित अपने आवास पर पहुंचकर लाइसेंस हथियार से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में डाक अधीक्षक द्वारा सुसाइड नोट डाल दिया। इसके बाद विभागीय कर्मचारी बार-बार अधीक्षक के हालात के बारे में जानकारी का प्रयास करते रहे।



सुसाइड नोट में लिखा आठ कर्मचारियों का नाम

टीपी सिंह ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान कर्मचारियों समेत आठ लोगों का नाम लिखा है। आरोप लगाया कि दिसंबर 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सुरेश कुमार निवासी गांव सैदपुर, मनोज कुमार तत्कालीन उप डाकपाल, योगेंद्र पूर्व पूर्व ओवरसियर, बनवारी लाल पूर्व ओवरसियर व उनके तीन बेटे अरुण, वरुण व टेकचंद के द्वारा लगातार परेशान किया जाता था। आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा गलत काम करने के लिए दबाव बनाया जाता था और उनका काम न करने पर तरह-तरह की फर्जी शिकायतें की जाती थी। साथ ही सुरेश कुमार व उसकी पत्नी ने कार्यालय में घुसकर मारपीट भी की थी।
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विभाग में चर्चाओं का दौर, अधिकारी-कर्मचारियों ने साधी चुप्पी

सीबीआई की कार्रवाई के बाद डाक अधीक्षक द्वारा आत्महत्या करने के बाद बुधवार को पूरे दिन विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों में चर्चाओं का विषय बना रहा। दिन भर कर्मचारी तरह-तरह की चर्चाएं करते रहे, लेकिन स्पष्ट तौर पर कोई भी अधिकारी-कर्मचारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है।
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