बुलंदशहर। मिठाई की दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों में फायरिंग और मारपीट के दौरान घायलों को भी आरोपी बनाए जाने के खिलाफ ग्रामीणों ने कोतवाली देहात पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई के बजाए घायलों को भी आरोपी बना दिया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने ग्रामीणों को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर सोमवार को मिठाई की दुकान लगाने को लेकर हीरापुर गांव के पूर्व प्रधान रविंद्र कुमार और बीडीसी सदस्य हरेंद्र कुमार के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके बाद देर रात करीब 11.30 बजे रविंद्र कुमार ने गाली गलौच की तो हरेंद्र ने इसका विरोध किया। जिस पर रविंद्र कुमार ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। जिसमें हरेंद्र कुमार को तीन और सुरेश उर्फ चैंटी को दो गोली लगी थी। इसी दौरान आरोपी रविंद्र के चाचा मौके पर पहुंचे और भागते हुए सड़क पर गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि मामले में पुलिस ने अपनी ओर से ही दोनों पक्षों के कुल 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जबकि राजकुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रेन हेमरेज के कारण मौत की पुष्टि हुई थी।
घायल हरेंद्र और सुरेश समेत अन्य पीड़ित लोगों को भी आरोपी बनाए जाने के खिलाफ बुधवार शाम को गांव के लोग एकत्रित होकर कोतवाली देहात पहुंचे और प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए पीड़ितों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पीड़ित लोगों की ओर से दी गई शिकायत पर अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। लोगों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
मामले में एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अपनी ओर से ही दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन में राज किशोर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, राजेश कुमार, नरेश कुमार, सचिन, हरेंद्र, नरेंद्र, मुकेश कुमार, पिंटू गुर्जर, धर्म सिंह, पिंटू, मनोज, राजेश, पुनीत, संजीव, मनोज मौजूद रहे।