वहीं, 19 सितंबर को छात्र ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को शिकायत देकर बताया कि उसका मोबाइल छीना गया है। भीड़ का फायदा उठाकर कोई छात्र का स्मार्टफोन छीन कर ले गया। छात्र मनोज कुमार ने बताया कि उनको सुबह के समय कोतवाली के निरीक्षक ने फोन किया था। कोतवाली के निरीक्षक में बयान दर्ज करने के बाद उनको डी सी पी के समक्ष पेश किया, जहां डी सी पी ने कहा कि वह छीनने की बात गलत कह रहे हैं। उनका मोबाइल गिर गया है। बयान दर्ज होने के बाद वह वहां से वापस लौटे उन्होंने डीएम को शिकायत दी।
मनोज कुमार ने बताया कि जब उन्होंने शिकायत दी तो उन्होंने छीनने की बात उसमें लिखी थी लेकिन एक सिपाही उनको वहां मिला जिसने उनसे कहा कि वह गिरने की बात लिख दें। जिससे आसानी से बरामद हो जाएगी और उनको ज्यादा परेशानी भी नहीं होगी। छात्र का आरोप है कि पुलिस घटना के खुलासे की बजाय इस बात पर ज्यादा जोर लगाती रही कि छात्र इस मामले में गुमशुदगी की दर्ज करा दे। इस बारे में डीसीपी नगर राजेश कुमार सिंह का कहना है कि छात्र ने जो तहरीर दी है उस हिसाब से मुकदमा दर्ज किया गया है। छात्र का मोबाइल गिरा है। छीनने की बात गलत है।