सौरभ कुमार शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीन अक्तूबर को उनके पास व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया। जिसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। वहां उन्हें टास्क पूरा करने पर कमाई के बारे में जानकारी दी। टास्क पूरा करने पर शातिरों ने उनके खाते में यूपीआई के माध्यम से 150 रुपये भेजे। इसके बाद बताया कि रुपये निवेश करके टास्क पूरा करने पर ज्यादा कमाई होगी। विश्वास करके उन्होंने दो हजार रुपये निवेश करके टास्क पूरा किया तो उन्हें यूपीआई के जरिये 2800 रुपये मिले।
ऐसा करके शातिरों ने उनसे कई बार में नौ खातों में 9.13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने जब रकम निकालने का प्रयास किया तो शातिरों ने और रकम की मांग की जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन खातों में रकम गई है उनकी भी जानकारी निकलवाई जा रही है।