गाजियाबाद/साहिबाबाद। विधानसभा चुनाव में रोडवेज बसों की ड्यूटी लगने से शुक्रवार को आनंद विहार बस अड्डे का नजारा बिल्कुल बदला हुआ दिखाई दिया। बस अड्डे पर जहां आम दिनों में बसों की लाइनें लगी रहतीं थीं, वहीं शुक्रवार को यहां महज 15 से 20 बसें हीं नजर आईं। यह बसें भी ठसाठस भरी हुईं थीं।
बता दें कि आनंद विहार बस अड्डे से रोजाना करीब 650 बसों का संचालन किया जाता है। इनमें से 226 बसों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इसका असर ये हुआ कि ट्रेनों में मुसाफिरों की भीड़ बढ़ गई।
आनंद विहार बस अड्डे से लखनऊ, गोंडा, खुर्जा, बदायूं, देहरादून, ऋषिकेश, रुड़की, गोरखपुर, सोनौली, इटावा, मुरादाबाद, बरेली आदि रूटों पर बसों का संचालन होता है। बसों की संख्या पूरी होने पर हर आधे घंटे में एक बस चलती है।
जब से बसें चुनावी ड्यूटी पर गई हैं, उक्त सभी रूटों पर दो से तीन घंटे के अंतराल पर बसें मिल रही हैं। ऐसे में लोगों को घंटों बैठकर बस का इंतजार करना पड़ रहा हैै। बस अड्डे पर बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने से खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़। शुक्रवार को दृश्य यह था कि बस आते ही लोग उस पर टूट पड़ते थे। कई लोग तो बस की छत पर भी बैठकर यात्रा करते दिखे।
सफर के लिए अब ट्रेनों का सहारा
लंबी दूरी की रोडवेज बसें चुनाव में चली जाने से अब सफर के लिए लोगों को ट्रेनों का सहारा है। बसों में आने-जाने वाले यात्रियों ने शुक्रवार से ही ट्रेनों में सफर करना शुरू कर दिया। यही वजह रही कि शुक्रवार को अलीगढ़, टूंडला, एटा, इटावा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ रही।
दिल्ली-अलीगढ़ ईएमयू शाम करीब साढ़े पांच बजे प्लेटफार्म नंबर-2 पर पहुंची तो यात्रियों की भीड़ ट्रेन में सवार होने के लिए टूट पड़ी। सीट पाने की जद्दोजहद में यात्रियों में धक्का-मुक्की मचनी शुरू हो गई। कई यात्री ऐसे रहे जो ट्रेन में सवार भी न हो पाए। अब शनिवार को भी ट्रेनों में ऐसी ही स्थिति रहेगी। चुनाव से लौटने पर रविवार को बसें दोबारा सड़कों पर उतरेंगी।