मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी मुकदमा गोपाल मुनि शिष्य लखन मुनि, राजेश दास शिष्य शीतलदास, उमा शंकर, शिवओम, डा. नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल क्लर्क प्रियंका, उपनिरीक्षक भगवान स्वरूप शर्मा और निरीक्षक देवकी नंदन को पेश किया गया।
बुलंदशहर के नरौरा थाना क्षेत्र में गोपाल गिरी आश्रम में 9 फरवरी 2019 की रात में साधु शंकर गिरी की सिर पर लोहे की फूंकनी से प्रहार कर हत्या करने के आरोपी सूरज बाबा को न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपशहर ज्ञान प्रकाश तिवारी द्वितीय ने दोषी करार दिया है। इस मामले में उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि दस फरवरी 2019 को नरौरा स्थित गोपाल गिरी आश्रम के साधु लक्ष्मण गिरी नागा बाबा ने तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि आश्रम पर करीब एक माह पूर्व साधु शंकर गिरी (50) जो शिव पाताली गिन्नौर आश्रम से प्रतिदिन आते जाते थे। उनकी नौ फरवरी की देर रात में अज्ञात आरोपी ने सिर पर वार कर हत्या कर दी है। उनका शव आश्रम के पिछले हिस्से में पड़ा हुआ था।
आरोपी धूनी स्थल से शव को खदेड़ कर पीछे लेकर गए थे। मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामने आया कि साधु की हत्या आश्रम पर रहने वाले सेवादार सूरज बाबा ने की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि वारदात से एक दिन पूर्व साधु शंकर गिरी ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की थी। इसी प्रतिशोध में उसने साधु की लोहे की फूंकनी से सिर पर प्रहार कर हत्या की। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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ये गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी मुकदमा गोपाल मुनि शिष्य लखन मुनि, राजेश दास शिष्य शीतलदास, उमा शंकर, शिवओम, डा. नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल क्लर्क प्रियंका, उपनिरीक्षक भगवान स्वरूप शर्मा और निरीक्षक देवकी नंदन को पेश किया गया।