संगठन से ही प्रत्याशी उतारे जाने पर संगठन के शीर्ष नेताओं ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश के तीन मंत्री कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, कुंवर ब्रजेश सिंह, कपिलदेव अग्रवाल और क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया आचार पूरे चुनाव में लगे रहे।
2014 लोकसभा चुनाव के बाद गाजियाबाद बन गया भाजपा का अभेद्य किला
2014 में लोकसभा चुनाव के बाद गाजियाबाद भाजपा का अभेद्य किला बना गया। 2014 में मोदी लहर में वीके सिंह गाजियाबाद के सांसद बने। वहीं, 2017 में जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया। 2022 में भाजपा ने दोबारा पांचों सीटों पर कब्जा जमाया। 2024 में गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक अतुल गर्ग को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया तो वह करीब डेढ़ लाख वोटों के मार्जिन से चुनाव जीतकर सांसद बन गए। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। छह महीने के अंदर उप चुनाव में भाजपा ने महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को प्रत्याशी बनाया। संगठन और पार्टी के नेताओं के बेहतर तालमेल से संजीव शर्मा करीब 70 वोटों से जीतकर गाजियाबाद के विधायक बन गए।
इसलिए बना गाजियाबाद भाजपा का गढ़
1995 में नगर निगम के गठन के बाद से अब तक भाजपा का ही मेयर बना है। मौजूदा समय में नगर निगम में भाजपा के सबसे ज्यादा पार्षद हैं। 100 वार्डों वाले सदन में 77 पार्षद भाजपा के हैं। वहीं, जिला पंचायत में भी अध्यक्ष भाजपा से हैं। इसके अलावा पिछले 10 सालों में गाजियाबाद में तेजी से विकास हुआ है। रैपिड रेल, हिंडन एयरपोर्ट, 14 लेन का दिल्ली-मेरठ- एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र में विजयनगर और पुराने शहर को जोड़ने वाला धोबीघाट आरओबी का निर्माण समेत अन्य कई विकास कार्य हुए हैं।
सांसद अतुल गर्ग का कहना है कि जिले में 10 साल में जितना विकास हुआ है उतना पिछले 70 सालों में नहीं हुआ था। आज गाजियाबाद में सबकुछ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबका साथ और सबका विकास की सोच का नतीजा सबके सामने है, जहां तक प्रत्याशी संजीव शर्मा की बात है तो वह एक पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता हैं, पार्टी और जनता के बीच उनकी अच्छी छवि है। संगठन और पार्टी के बीच बेहतर तालमेल से संजीव को रिकॉर्ड मतों से जीत मिली है। उन्होंने कहा कि अब सांसद और विधायक का तालमेल दिखेगा।