साहिबाबाद। शहर के 136 मान्यता प्राप्त मदरसों में जल्द ही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मुख्यालय के निर्देश पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों, छात्रों और अन्य कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज होगी, जिससे फर्जी हाजिरी पर रोक लगेगी और मदरसों की नियमित मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने बताया कि हाल ही में खोड़ा क्षेत्र में बिना आवश्यक पंजीकरण और दस्तावेजों के संचालित तीन मदरसों पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई थी। इनमें से दो को सील भी कर दिया गया था। इसके बाद मुख्यालय ने सभी मदरसों की निगरानी व्यवस्था और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक मदरसे में बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी स्वयं जिले के सभी मदरसों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान बायोमेट्रिक व्यवस्था, उपस्थिति रजिस्टर, शिक्षकों की उपलब्धता, छात्रों की संख्या व अन्य अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों और विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा मिले। उन्होंने बताया कि जिन मदरसों में निर्धारित समय के भीतर बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं लगाए जाएंगे, उन्हें विशेष निगरानी सूची में रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल हाजिरी व्यवस्था लागू होने से मदरसों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और मुख्यालय स्तर पर भी उपस्थिति की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।
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