गाजियाबाद। दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। मामले में अभियुक्त सास की जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि जमानत के लिए पर्याप्त आधार नहीं प्रस्तुत किए गए हैं।
घटना साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 25 अप्रैल 2025 को हुई थी। मृतका के पिता राजकुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री का विवाह वर्ष 2022 में बिजेंद्र रावल के साथ किया था। शादी के कुछ समय बाद ही कम दहेज देने की बात कहकर उसका पति बिजेंद्र, सास सुमन, जेठ विमल, विशाल और जेठानी सीमा व रिंकी प्रताड़ित करते रहे। इस बीच दोनों पक्षों में कई बार समझौता हुआ, लेकिन इसके बाद भी ससुराली नहीं माने और पुत्री का उत्पीड़न करते रहे। 25 अप्रैल को जेठ विमल रावल ने राजकुमार को फोन किया कि एक वर्षा की मृत्यु हो गई है। सूचना पाकर पुत्री के ससुराल पहुंचे तो देखा कि उसकी पुत्री मृत अवस्था में फंदे से लटकी हुई थी। आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी पुत्री ने रोज रोज के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की है। जमानत अर्जी लगाने वाली सास ने कहा कि वर्षा अत्यंत झगड़ालू व्यवहार की थी। उसने अपने कमरे में जाकर किसी वजह से आत्महत्या की है। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने कहा कि वर्षा को लंबे समय से मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न कर परेशान किया जा रहा था। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभियुक्त की ओर से जमानत के लिए पर्याप्त आधार नहीं दिए गए हैं, ऐसे में अभियुक्त सास को जमानत नहीं दी जा सकती है।