एसी में ब्लास्ट होने से आरडीसी स्थित आठ मंजिला इमारत आदित्य टावर में आग लग गई। फायर ब्रिगेड के क्विक रिएक्शन से आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान बिल्डिंग में करीब 150 लोग थे, जिन्हें फायर ब्रिगेड ने बाहर निकाला। इस बचाव कार्य में एक फायरमैन जख्मी भी हुआ।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब सवा तीन बजे की है। बिल्डिंग के पांचवें फ्लोर पर फॉर्च्यून ऑयल के आरएसएम ऑफिस है। ऑफिस के कर्मचारी मदन गिरि ने बताया कि वह एसी चालू कर रहे थे। इसी दौरान ब्लास्ट हो गया और एसी में आग लग गई। लपटें निकलने लगीं और धुआं फैल गया।
बिल्ंिडग में भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कलक्ट्रेट पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी होने के कारण वह जल्द ही पहुंच गई। आग पर काबू पाता न देख चार और वाटर टेंडर मंगाए गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग को बुझाया जा सका। एसी और फर्नीचर जल गया।
इस टावर में आठों फ्लोर पर ऑफिस, इंस्टीट्यूट और दुकानें हैं। पांचवें, छठे, सातवें और आठवें फ्लोर के लोगों को फायर ब्रिगेड ने सकुशल बाहर निकाला। फायरमैन विशाल नागर ने बताया कि लोगों को ऑफिस से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी ऊपर से शीशा टूटकर उन पर गिरा।
हेलमेट की वजह से वह बचे। हाथ में चोट लगी है। सीएफओ अक्षय शर्मा ने बताया कि आग बुझाने के लिए कोतवाली के अलावा साहिबाबाद और वैशाली से वाटर टेंडर मंगाए गए। आग को बाकी फ्लोर पर नहीं फैलने दिया गया।
आंखों देखा हाल
बिल्डिंग में आग, सड़क पर ‘अपनों’ की तलाश
गाजियाबाद। बिल्डिंग में आग लगने के बाद सभी कर्मचारियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान कुछ लोग साथी कर्मचारियों से अलग हो गए। बिल्डिंग के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कर्मचारी साथियों को तलाशते रहे।
उन्हें यह चिंता सता रही थी कि कोई ‘अपना’ बिल्डिंग में छूट न गया हो। सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा, एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम, एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने लोगों को बिल्डिंग से दूर किया और एहतियातन बिल्डिंग के आसपास घेरा बनाकर लोगों को उससे बाहर रहने के लिए कहा।
सीएफओ अक्षय शर्मा और पुलिस अफसरों ने सभी ऑफिसों को चेक किया, कोई व्यक्ति नहीं मिला तो राहत की सांस ली गई। दूसरी तरफ, छठे फ्लोर पर कारपोरेट ऑफिस चलाने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि वह ऑफिस में बैठे थे, कुछ जलने की स्मैल आई। ऑफिस में लगा एसी बंद किया, लेकिन स्मैल आती रही।
वह पांचवे फ्लोर पर गए तो देखा कि फॉर्च्यून ऑयल के आरएसएम ऑफिस में आग लगने से धुआं ही धुआं था। वहां तैनात कर्मचारी मदन आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। लोगों ने बताया कि आग बढ़ती तो करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता था। इस बिल्डिंग के हर फ्लोर पर 11 ऑफिस हैं।
इनमें से ज्यादातर ऑफिस में स्टाफ काम करता है। ढाई सौ से भी ज्यादा लोग बिल्डिंग में काम करते हैं।
लापरवाही
विज्ञापन पोस्टरों से ढके हुए थे अग्निशमन यंत्र
बिल्डिंग में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र लगे हुए थे। इसे विज्ञापन पोस्टरों से ढका गया था। लोगों को आग लगने के वक्त यह पता ही नहीं चल सका कि वह कहां पर लगे हुए हैं।
सीएफओ ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि अग्निशमन यंत्र को आठवें फ्लोर से बंद किया हुआ था। इसे चलाने के लिए कर्मचारी भी नहीं था। मेंटिनेंस भी समय पर नहीं कराया जाता है। सीएफओ ने जांच के बाद कार्रवाई के लिए भी कहा है।